शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए भी तिल का उपयोग किया जाता है, अगर आप पर साढ़े साती या शनि की ढैय्या चल रही है, तो हर शनिवार के दिन काले तिल बहते जल में प्रवाहित करें, तिल का दान करें। इसे करने से शनि के साथ राहु केतु की दशा से भी राहत मिलती है। पितृ दोष दूर होता है।