Vakri Budh: आज यानी 10 सितंबर को बुध ग्रह कन्या राशि में वक्री हो चुके हैं। 2 अक्तूबर को वह पुनः मार्गी होंगे। और इसके उपरांत 26 अक्तूबर को तुला राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह का विशेष स्थान और महत्व होता है। बुध को वाणी,संवाद, बुद्धि-तर्क, संचार, लेखन, गणित और व्यापार आदि के कारक ग्रह माना गया है। 10 सितंबर प्रातः 09: 07 मिनट पर वक्री होंगे और 2 अक्तूबर को दोपहर 02:35 मिनट पर फिर से मार्गी होंगे। इसके बाद 26 अक्तूबर को दोपहर 01: 45 मिनट पर तुला राशि में प्रवेश कर जाएंगे। वक्री बुध आम मनुष्य के जीवन पर कई प्रकार से प्रभाव डालता है। किसी भी ग्रह के वक्री होने से जीवन में कुछ न कुछ अचानक परिवर्तन होता है। बुध का वक्री होना जातक की बुद्धि, वाणी, अभिव्यक्ति, शिक्षा और साहित्य के प्रति लगाव को प्रभावित करता है। बुध की वक्री दशा जहां कुछ राशि के जातकों के लिए नकारात्मक प्रभाव लेकर आएगा वही कुछ राशियों के लिए लाभदायक रहेगा। आइए जानते हैं कि कौन सी हैं वो राशियां।