Budh Ast 2022: बुध ज्योतिष में सभी नव ग्रहों में हर एक ग्रह का अपना खास महत्व होता है। बुध ग्रह को सभी ग्रहों में युवराज का दर्जा प्राप्त है। ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को एक तटस्थ और शुभ ग्रह माना गया है। बुध ग्रह अन्य ग्रहों के स्वभाव के साथ ही अपना फल देते हैं। कहने का मतलब है बुध शुभ ग्रह के साथ होने पर शुभ फल प्रदान करते हैं और अशुभ ग्रहों के संगति होने पर अशुभ फल देते हैं। बुध जब गुरु, शुक्र, सूर्य और चंद्रमा के साथ रहते हैं तो शुभ फल देते है जबकि गुरु, राहु-केतु, मंगल और शनि के साथ होने पर उनके प्रकृति के अनुसार अशुभ फल प्रदान करते हैं। ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, निवेश संवाद, कला, गणित और ज्ञान के कारक ग्रह माना गया है। बुध ग्रह सूर्य, शुक्र और चंद्रमा के मित्र और चंद्रमा और मंगल के शुत्र का भाव रखते हैं। वाणी के ग्रह बुध मिथुन और कन्या राशि के स्वामी होते हैं जबकि कन्या राशि इनकी उच्च राशि और मीन नीच की राशि होती है। जब कोई ग्रह राशि परिवर्तन या अस्त होता है तो किसी के लिए यह शुभ रहता है तो किसी के लिए अशुभ। आपको बता दें कि बुध ग्रह 18 जनवरी को मकर राशि में अस्त हो रहे हैं। बुध का अस्त होना कई राशि के जातकों के लिए अशुभ साबित होगा, तो कई जातकों के शुभ प्रभाव में कई आएगी। जिससे उन लोगों का जीवन कई तरह से प्रभावित होगा और जीवन में कई तरह की परेशानियां आ सकती हैं। आइए जानते हैं ये राशियां कौन सी है