ज्योतिषाचार्य पंडित सुशांतराज के अुनसार, भगवान बुद्ध भगवान विष्णु के नौवें अवतार थे। इस दिन भगवान बुद्घ को बौद्घ गया में बांधि वृक्ष के नीचे वृद्घत्व ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। इस दिन गंगा में स्नान करने से मनुष्य के जन्मों के पाप धुल जाते है और जीवन में सुख-शांति का संचार होता है। रात के समय फूल, धूप, दीप, अन्न, गुड़ आदि से चंद्रमा की पूजा कर उन्हें जल चढ़ाए।