कुंडली में ग्रह नक्षत्रों की चाल तय करती है कि आपका भविष्य और वर्तमान कैसा होगा। कुंडली में नौवें स्थान को भाग्य का और दसवें स्थान को कर्म का स्थान माना गया है। इसलिए अगर आपके नौवें और दसवें भाव में ग्रहों की स्थिति सही होती है, तो व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की स्थिति के अनुसार राजयोग बन सकता है। कुंडली में नौवें और दसवें स्थान का बहुत महत्व माना गया है। जिस व्यक्ति की कुंडली में राजयोग बनता है उसे सभी प्रकार के सुख प्राप्त होते हैं ऐसे व्यक्ति राजा के समान जीवन व्यतीत करते हैं। राजयोग के बारे में जानने के लिए लग्न के आधार पर कुंडली का विचार किया जाता है। जानते हैं कि कुंडली में कैसे बनता है राजयोग....