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Astrology: ऑफिस में बॉस की नाराजगी के लिए ये ग्रह हो सकते हैं जिम्मेदार, ये उपाय देंगे इन राशि वालों को लाभ

Mon, 18 Apr 2022 12:49 PM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बॉस को प्रसन्न करने के लिए कुछ ऐसे ग्रह हैं जिन्हें प्रसन्न रखना आवश्यक है। - फोटो : अमर उजाला
Astrology: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार व्यक्ति की राशि ग्रह नक्षत्रों पर आधारित होती है। इन्हीं ग्रहों के प्रभाव से मनुष्य के गुण और उसकी विशेषता का पता चलता है। ज्योतिषविदों के अनुसार कुछ ग्रह ऐसे होते हैं जो बॉस के स्वभाव को प्रभावित करते हैं। ये ग्रह जब अशुभ होते हैं तो ऑफिस में दिक्कत और बाधा का सामना करना पड़ता है, इसके साथ ही बॉस की डांट और नाराजगी का शिकार भी होना पड़ता है। दफ्तर में बिना बॉस के प्रसन्न हुए मानचाही तरक्की पाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। इसलिए बॉस को प्रसन्न करने के लिए कुछ ऐसे ग्रह हैं जिन्हें प्रसन्न रखना आवश्यक है। विशेष रूप से तीन राशि ऐसी हैं जिन्हें इन ग्रहों को प्रसन्न करने के लिए कुछ उपाय करने चाहिए। आइए जानते हैं कौन सी हैं वो राशियां और कौन से हैं वो ग्रह जिन्हें प्रसन्न करने से बॉस भी आपसे प्रभावित हो जाएं। 
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कन्या, मकर और मीन राशि वालों को बॉस को प्रसन्न रखने की जरूरत है। - फोटो : istock
इन राशि के जातकों को रखना चाहिए बॉस को खुश 
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कन्या, मकर और मीन राशि वालों को बॉस को प्रसन्न रखने की जरूरत है। इसके लिए इन तीनों राशि के जातकों को सूर्य ग्रह को प्रसन्न रखने की जरूरत है। 
  • कन्या राशि- इस राशि के जातकों को अपने बॉस के प्रति शत्रुता का भाव नहीं रखना चाहिए क्योंकि यदि ऐसा हुआ तो यह विवाद व्यक्तिगत रूप ले सकता है। 
  • मकर राशि- मकर राशि वालों को बॉस को अति आदर देना चाहिए।  बॉस के साथ संबंधों में खटास न आने दें. कोई भी निर्णय शांति से लें, क्रोध में नहीं। 
  • मीन राशि- मीन राशि के जातकों को बॉस के ज्ञान का लाभ लेना चाहिए और बॉस से गुरु की भांति कुछ न कुछ सीखना चाहिए। 
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ज्योतिषशास्त्र के अनुसार किसी भी व्यक्ति की कुंडली का दशम भाव बॉस का स्थान होता है। - फोटो : istock
कैसे जानें बॉस का स्वभाव 
बॉस को प्रभावित करने के लिए बॉस का स्वभाव जानने की आवश्यकता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार किसी भी व्यक्ति की कुंडली का दशम भाव बॉस का स्थान होता है। यदि आपकी कुण्डली के दसवें भाव में मेष, सिंह, वृश्चिक, मकर या धनु राशि है तो आपके बॉस क्रोधी होंगे। तुला, वृष या मिथुन राशि हो तो प्रशंसा सुनना उन्हें पसंद होगा। कन्या, कुम्भ, मीन राशि हो तो बॉस गंभीर स्वभाव के होंगे। दसवें भाव में कर्क होने पर आपके बॉस शांत और सरल स्वभाव के होंगे।

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य एक शासक का रूप है और यह उच्च पद का कारक भी है।
सूर्य ग्रह करते हैं बॉस को प्रभावित 
हमरे सौरमण्डल में सूर्य ग्रह को अधिपति माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य एक शासक का रूप है और यह उच्च पद का कारक भी है। इसीलिए यदि आप किसी दफ्तर में कार्य कर रही हैं तो सूर्य को मजबूत बनाने का प्रयास करें। यदि आपका सूर्य कमजोर स्थिति में हैं तो आपके बॉस से आपकी नहीं बनेगी और बात- बात पर आपको उनके गुस्से का शिकार होना पड़ेगा। वहीं यदि सूर्य की स्थिति मजबूत रहेगी तो आपके बॉस आपसे प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकेंगे और हर कार्य में आपसे सलाह लेंगे। 
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रविवार को सूर्य देव को अर्घ्य देते समय ॐ सूर्याय नमः मंत्र का जाप करें। 
सूर्य ग्रह को प्रसन्न करने के उपाय 
  • रविवार का दिन सूर्यदेव की आराधना का माना जाता है इसलिए रविवार का दिन सूर्य ग्रह को प्रसन्न करने के लिए उत्तम है। 
  • रविवार को सूर्य देव को अर्घ्य देते समय ॐ सूर्याय नमः मंत्र का जाप करें। 
  • रविवार के दिन नमक का सेवन न करें। खाने में दलिया, दूध, दही, घी, चीनी, गेहूं की रोटी का सेवन करें। 
  • जिनका सूर्य कमजोर है वे लाल और पीले रंग वाला वस्त्र, गुड़, सोना, तांबा, माणिक्य, गेहूं, लाल कमल, मसूर दाल, गाय आदि का दान करें। 
  • सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए आप आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। इस दिन आप गायत्री मंत्र का जाप भी कर सकते हैं। 
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राहु-केतु दोनों ही छाया ग्रह हैं और ये  बॉस से आपके रिश्ते बिगाड़ने का प्रयास करते हैं।
राहु केतु भी बना सकते हैं बॉस को क्रोधी 
राहु-केतु दोनों ही छाया ग्रह हैं और ये  बॉस से आपके रिश्ते बिगाड़ने का प्रयास करते हैं। इसलिए इन पाप ग्रहों पर भी ध्यान देना बहुत ही जरूरी है। इनके दुष्प्रभाव को काम करने के लिए कुछ उपाय करने चाहिए। 
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केतु से जुड़े अशुभ प्रभावों से बचने के लिए केतु के बीज मंत्र ‘ॐ स्रां स्रीं स्रौं स: केतवे नम:’ मंत्र का जाप करें। 
राहु-केतु के दुष्प्रभाव को कम करने के उपाय
  • कुंडली में राहु से जुड़े दोष होने पर किसी पंडित की सलाह से गोमेद युक्त राहु यंत्र धारण करना चाहिए।  इससे भी राहु का प्रभाव कम होता है। 
  • राहु की अशुभ स्थिति से बचने के लिए नियमित रूप से शिवलिंग का जलाभिषेक करना चाहिए। इतना ही नहीं, उनके मंत्र ॐ नम: शिवाय का भी जाप करें। 
  • राहु के कष्टों से बचने के लिए उड़द, गर्म कपड़े, सरसों, काला फूल, राई आदि चीजों का सामर्थ्य अनुसार शनिवार के दिन दान करें। 
  • केतु से जुड़े अशुभ प्रभावों से बचने के लिए केतु के बीज मंत्र ‘ॐ स्रां स्रीं स्रौं स: केतवे नम:’ मंत्र का जाप करें। 
  • केतु की दशा से मुक्ति के लिए तिल, झण्डी, काजल, गरम कपड़े, सतनजा, मूली आदि का दान भी अच्छा माना जाता है। 
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