गुरु ग्रह
ज्योतिष में कुंडली के द्वितीय, अष्टम और एकादश (ग्याहरवें) भाव को धन से संबंधित माना गया है। आर्थिक स्थिति के मजबूत बनाने के लिए यह भावों का मजबूत होना आवश्यक होता है। इसके लिए आपको गुरू के मंत्र का जाप करना चाहिए। गुरू का मंत्र इस प्रकार है।
देवानां च ऋषिणां च गुरुं काञ्चनसन्निभम्।
बुद्धिभूतं त्रिलोकेशं तं नमामि बृहस्पतिम्।।
ओम ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः। ह्रीं गुरवे नमः।
बृं बृहस्पतये नमः।