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Grah Gochar: मेष राशि में 3 बड़े ग्रहों की होगी युति, बनेगा अशुभ योग

Mon, 11 Apr 2022 06:44 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अप्रैल के महीने में मेष राशि में तीन बड़े ग्रह बुध, राहु और सूर्य गोचर करेंगे। ये तीनों मिलकर त्रिग्रही योग का निर्माण करेंगे। - फोटो : अमर उजाला
Grah Gochar: ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों के राशि परिवर्तन का विशेष महत्व होता है। जब भी कोई ग्रह किसी एक राशि में मौजूद होता है फिर किसी निश्चित समय में दूसरी राशि में परिवर्तन करता है  तो इसका प्रभाव सभी जातकों पर शुभ और अशुभ दोनों तरह का होता है। ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से अप्रैल का महीने बहुत ही खास रहने वाला है। इस माह में सभी ग्रह अपनी राशि बदलने वाले हैं। लेकिन अप्रैल के इस महीने में तीन बड़े ग्रहों की युति होगी। अप्रैल के महीने में मेष राशि में तीन बड़े ग्रह बुध, राहु और सूर्य गोचर करेंगे। ये तीनों मिलकर त्रिग्रही योग का निर्माण करेंगे। बुद्धि के देवता बुध  8 अप्रैल को मेष राशि में प्रवेश कर चुके हैं। अब 12 अप्रैल को छायाग्रह राहु का मेष में गोचर होगा। और 14 अप्रैल को सूर्य भी मेष राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषशास्त्रियों का मानना है कि इन तीन ग्रहों का मेष राशि में गोचर करने से कई अशुभ परिस्थितियों का निर्माण होगा। आइए जानते हैं इन ग्रहों की युति किस राशि को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाएगी। 
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बुध-राहु युति - फोटो : self
बुध-राहु की युति बनाएगी अशुभ योग
राहु और बुध ग्रह मेष राशि में 12 अप्रैल को विराजित होंकर युति बनाएंगे। ज्योतिषविदों के अनुसार बुध और राहु की युति जड़त्व योग का निर्माण करती है। एक तरफ राहु धोखा, भ्रम, मानसिक रोग, राजनीति आदि का कारक माना जाता है। वहीं दूसरी तरफ बुध ग्रह वाणी, व्यापार, तर्क शास्त्र आदि का कारक माना जाता है। हालांकि जातकों को अपनी अपनी कुंडली के भिन्न-भिन्न भाव के अनुसार ही इसका फल प्राप्त होता है लेकिन यह युति मेष राशि में 12 से लेकर 25 अप्रैल तक रहेगी, इसलिए मेष राशि के जातकों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस युति के प्रभाव के कारण मेष जातकों की वाणी में कड़वाहट आने की संभावना है और जातकों के मन में धोखे की प्रवत्ति भी आ सकती है। 
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सूर्य ग्रह 14 अप्रैल को मेष राशि में गोचर करेंगे और इनकी युति बुध और राहु से होगी। - फोटो : अमर उजाला
सूर्य और राहु की युति बनाएगी ग्रहण योग 
सूर्य ग्रह 14 अप्रैल को मेष राशि में गोचर करेंगे और इनकी युति बुध और राहु से होगी। मेष राशि में सूर्य और बुध ग्रह मिलकर बुधादित्य योग का निर्माण करेंगे जो कि शुभ योग माना जाता है लेकिन मेष राशि में राहु की उपस्थिति बुधादित्य योग के शुभ प्रभाव को काम करेगी। ज्योतिष अनुसार जब किसी राशि में सूर्य और राहु एक साथ आ जाते हैं तब ग्रहण योग का निर्माण होता है। इसी  युति के कारण 30 अप्रैल को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। सूर्य के वृषभ राशि में गोचर करते ही यह ग्रहण योग समाप्त हो जाएगा। 

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बुध, राहु और सूर्य तीनों ग्रह मेष राशि में ही युति करेंगे, इसलिए मेष राशि के जातकों के जीवन को यह युति सबसे अधिक प्रभावित करेगी। - फोटो : अमर उजाला
मेष राशि के जातक रहें सावधान 
बुध, राहु और सूर्य तीनों ग्रह मेष राशि में ही युति करेंगे, इसलिए मेष राशि के जातकों के जीवन को यह युति सबसे अधिक प्रभावित करेगी। ग्रहण योग के कारण पहला सूर्यग्रहण भी मेष राशि में लगेगा। इसलिए मेष राशि के जातकों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत होगी। इस त्रिग्रही योग के कारण मेष राशि वालों का भाग्य साथ नहीं देगा और उन्हें कई चुनौतियों का सामना इस राशि के लोगों को 14 मई तक बेहद सावधान रहना होगा। किसी भी काम में सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है।
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बुध ग्रह को प्रसन्न करने के लिए प्रत्येक बुधवार भगवान गणेश की आराधना करें और उन्हें लड्डू का भोग लगाएं।  - फोटो : istock
त्रिग्रही योग के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय 
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इन अशुभ योग और ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए कुछ कारगर उपाय किए जा सकते हैं। आइए जानते हैं क्या हैं वो उपाय- 
  • बुध ग्रह को प्रसन्न करने के लिए प्रत्येक बुधवार भगवान गणेश की आराधना करें और उन्हें लड्डू का भोग लगाएं। 
  • बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाएं। 
  • सूर्य ग्रह को प्रसन्न करने के लिए रोजाना सूर्यदेव को जल अर्पित करें। 
  • रोजाना कम से कम 108 बार सूर्य देव के मंत्रों का स्पष्ट उच्चारण करें। 
  • संभव हो तो सूर्य ग्रह शान्ति पूजन करवाएं। 
  • राहु ग्रह शान्ति पूजन करवाना भी आपके लिए बेहद अनुकूल सिद्ध होगा।
  • नवग्रह शांति पूजा करें।  
  • आपके लिए श्री आदित्य हृदय स्तोत्र का नियमित पाठ करना भी उचित रहेगा। 
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