इस राशि का स्वामी चंद्रमा होता है। राशिचक्र में इसका स्थान चौथा है। इस राशि के जातक का मन चंचल होता है। इसलिए इनके कार्यों और विचारों में चंचलता पाई जाती है। ये अपने ऊपर आने वाले संघर्ष को टालने में सक्षम होते हैं। इन्हें स्वतंत्रता पसंद है। हालांकि इनके जीवन में कई बार अनियमितताएं पाई जाती हैं। अपने जिद्दी स्वभाव के कारण इन्हें कई बार कष्ट झेलना पड़ता है। व्यर्थ के कार्यों और बातों में आपको रुचि नहीं रहती है। इस राशि में गुरु श्रेष्ठ का होता है। संस्था या सामाजिक कार्यों की जिम्मेदारी इनके कंधों पर रहती है। परंतु इनका स्वास्थ्य कुछ कमजोर रहता है। बहरहाल जानते हैं, कर्क राशि के जातकों के लिए कौनसे उपाय हैं, जिन्हें करने से कामयाबी मिलती हैं।