आदित्य हृदय स्तोत्र सभी प्रकार के पापों,कष्टों और शत्रुओं से मुक्ति कराने वाला,सर्व कल्याणकारी,आयु,ऊर्जा और प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला अति मंगलकारी विजय स्तोत्र है।
सूर्यदेव को दें अर्घ्य
सुबह जल्दी से नहाकर उगते हुए सूर्य को जल देने के लिए तांबे के लोटे में जल,लालचन्दन,चावल,लालफूल और कुश डालकर प्रसन्न मन से सूर्य की ओर मुख करके कलश को छाती के बीचों-बीच लाकर सूर्य मंत्र का जप करते हुए जल की धारा धीरे-धीरे प्रवाहित कर भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर लाल पुष्प अर्पित करने चाहिए। सूरज देव को प्रातः अर्घ्य देकर नमस्कार करने से आयु,आरोग्य,धन धान्य, क्षेत्र,पुत्र, मित्र,तेज, वीर्य,यश,कांति,विद्या,वैभव और सौभाग्य आदि प्राप्त होता है। रविवार के दिन लाल कनेर के फूल और चंदन से सूर्य देव की पूजा करना अच्छा होता है। इससे आपकी सारी तकलीफें दूर होंगी।