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किसान सम्मान निधि योजना: उत्तर प्रदेश के लाखों किसानों का पेमेंट फेल, आप भी करेंगे ये गलतियां तो नहींं आएगी किस्त

Sat, 09 Oct 2021 02:11 PM IST
संकल्प सिंह लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश भर के किसानों को उनकी 10वीं किस्त जल्द ही मिलने वाली है। पिछले कुछ सालों में केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई इस योजना की मदद से करोड़ों किसानों को इसका सीधा आर्थिक लाभ मिला है। हालांकि कई किसान ऐसे भी हैं, जो कुछ गलतियों के कारण सरकार की इस योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। भारत में ऐसे कई किसान हैं, जिनकी किस्त आना बंद हो चुकी है। इसके पीछे की मुख्य वजह नाम की स्पेलिंग में गलती और बैंक के अकाउंट डिटेल्स में त्रुटियों का होना है। इसी वजह से उनकी किस्त अभी भी अटकी हुई है। वहीं उत्तर प्रदेश में कई किसानों का पेमेंट फेल हो चुका है। इसी कड़ी में आइए जानते हैं उन त्रुटियों के बारे में, जिन्हें आपको भूलकर भी नहीं करना चाहिए। इससे किसान सम्मान निधि के तहत आने वाली आपकी किस्त अटक सकती है।

 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay
कृषि मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश भर के कई किसानों की अगस्त और नवंबर महीने की किस्त अभी तक अटकी हुई है और कई किसानों का पेमेंट फेल हो चुका है। पेमेंट फेल होने वालों में उत्तर प्रदेश के किसानों की संख्या काफी ज्यादा है। रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 1,21,676 किसानों का पेमेंट फेल हुआ है।



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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
वहीं पश्चिम बंगाल के 17,51,736 किसानों की किस्त अभी भी अटकी हुई है। ओडिशा के 10,57,251 और उत्तर प्रदेश के 6,58,376 किसानों की किस्त पेंडिंग में हैं। इसकी मुख्य वजह किसानों द्वारा दी गई जानकारी में त्रुटियों का होना है। इसी कड़ी में हम आपको कुछ बातों को बताने जा रहे हैं, जिन्हें आपको जरूर ध्यान रखना चाहिए। नहीं तो किसान सम्मान निधि के तहत आने वाली आपकी किस्त भी रुक सकती है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
इस बात का ध्यान रखें कि आवेदन में किसानों का नाम अंग्रेजी में अंकित हो। अगर आपने अपना नाम हिंदी में दर्ज करवाया है तो उसे संशोधित करवा लें। यदि आवेदन के समय आपके द्वारा दिया गया नाम और बैंक अकाउंट का नाम अलग अलग है, तो इससे भी आपकी किश्त रुक सकती है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल (सांकेतिक)
ऐसे में किसान को बैंक जाकर अपने नाम को आधार कार्ड और आवेदन के समय दिए गए नाम के अनुरूप बदलवा लेना चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि आवेदन में आपके द्वारा दिए गए बैंक के आईएफएससी कोड, बैंक अकाउंट नंबर और गांव के नाम में किसी भी प्रकार की गलती न हुई हो।
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