फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

PM Fasal Bima Yojana: आप आसानी से जान सकते हैं अपने प्रीमियम की राशि, ये रहा आसान तरीका

Mon, 13 Dec 2021 04:30 PM IST
प्रकाश चंद जोशी कृषि डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत रबी फसलों का बीमा करवाने की अंतिम तारीख को बढ़ाकर अब 31 दिसंबर कर दिया गया है। अब इस योजना का लाभ लेकर किसान अपनी फसलों को प्राकृतिक आपदा में खराब होने से बचा सकते हैं। जब खेत में फसल बोई जाती है तो कोई निश्चित नहीं होता है कि उम्मीद के अनुसार पैदावार होगी। फसल को कभी पशु खा जाते हैं, कभी प्राकृतिक आपदा, आंधी, ओलावृष्टि और बाढ़ से फसल नष्ट हो जाती है। इससे किसानों को काफी आर्थिक नुकसान होता है, जिसकी भरपाई करने के लिए किसान को जगह-जगह से ऋण लेना पड़ता है। इससे आर्थिक हालात काफी खराब हो जाती है। इसी को ध्यान में रखकर इस योजना बनाई गयी है। इस योजना से ज्यादा से ज्यादा किसान जुड़कर अपनी फसल का बीमा करवाएं। कम से कम प्रीमियम देकर किसान इस योजना का लाभ ले सकते है। तो चलिए जानते है इस किसान योजना के बारे में...
विज्ञापन

2 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
ऐसे जानें प्रीमियम की राशि 
  • सबसे पहले इस योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://pmfby.gov.in/ पर जाना होगा। 
  • वेबसाइट के मुख्य पेज पर बीमा प्रीमियम गणना के नाम से एक विकल्प दिखाई देगा। 
  • आवेदक को इस विकल्प का चयन करना होगा।
विज्ञापन

3 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
  • इसके बाद फसल का समय, योजना, राज्य, जिला और फसल से जुड़ी जानकारी पूछी जाएगी। 
  • इन सभी जानकारियों को भरकर सुरक्षित करने के विकल्प का चयन करिए। 
  • अब आपके सामने आपकी प्रीमियम और क्लेम की राशि दोनों ही देखने को मिल जाएगी।

4 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
कितना देना होता है प्रीमियम?
  • कृषि अधिकारियों के अनुसार ज्यादातर फसलों पर कुल प्रीमियम का किसानों को डेढ़ से दो प्रतिशत ही देना होता है। 
  • कुछ फसलों पर पांच प्रतिशत प्रीमियम देना होता है। 
  • शेष बची प्रीमियम की राशि को केंद्र और राज्य सरकारें वहन करती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
कौन तय करता है बीमा की राशि?
  • केंद्र सरकार के अनुसार योजना में प्रीमियम की राशि राज्य सरकारें तय करती हैं। राज्य सरकार अपने जिले की तकनीकी समिति की रिपोर्ट में तय करती है। इसके बाद प्रीमियम की राशि तय होती है। इस दल में जिलाधिकारी, कृषि अधिकारी, मौसम विभाग के प्रतिनिधि, किसान नेता और बीमा कंपनी के अधिकारी शामिल होते हैं। इनकी जो भी रिपोर्ट तैयार होती है उसी के आधार पर राशि तय होती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें