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तो क्या युवराज की हो गई टीम इंडिया से छुट्टी?

Tue, 08 Apr 2014 12:28 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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क्रिकेट वास्तव में काफी अजब खेल है, जहां एक अच्छा मैच किसी खिलाड़ी की पिछली कई विफलताओं को पीछे छोड़कर हीरो बना देता है तो एक खराब मैच किसी खिलाड़ी की कई उपलब्धियों पर पानी फेरकर उसे विलेन बना देता है। भारतीय टीम के सिक्सर किंग कहे जाने वाले युवराज सिंह आज उसी मोड़ पर खड़े हैं।
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ढाका में रविवार को श्रीलंका के खिलाफ ट्वंटी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में भारतीय टीम की करारी शिकस्त भले ही टीम के अन्य खिलाड़ियों के लिए सिर्फ एक हार होगी लेकिन युवराज के लिए यह हार उनके कैरियर का सबसे दर्दनाक पल होगा।

21 गेंदों पर सिर्फ 11 रन बनाने के बाद युवराज जब वापस पवेलियन लौट रहे होंगे तो उन्हें भी इस बात का एहसास होगा कि शायद वह आखिरी बार ब्लू जर्सी पहनकर मैदान से बाहर जा रहे हैं। क्रिकेट जगत के दिग्गज और क्रिकेट प्रशंसकों की नजर में युवी इस हार के लिए अकेले जिम्मेदार हैं। कई पूर्व दिग्गज तो इस मैच को युवराज के अंतरराष्ट्रीय कैरियर का अंत मान रहे हैं।
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खराब फॉर्म से जूझ रहे युवराज

यह तय है कि युवराज अब 2015 में होने वाले 50 ओवरों के वनडे वर्ल्ड कप के लिए अब भारतीय टीम की योजना का हिस्सा नहीं होंगे। सवाल सिर्फ टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल का नहीं है, पूरे टूर्नामेंट में युवराज फॉर्म में नहीं दिखाई दिए। छह पारियों में युवराज ने कुल 100 रन बनाए जिसमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई 60 रन की पारी भी है।

उनका स्ट्राइक रेट भी 100 के नीचे रहा। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका दौरे पर वनडे सीरीज में भी उनका प्रदर्शन खराब रहा जिस कारण उन्हें न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम में जगह नहीं मिली। वहीं टेस्ट टीम में युवी की वापसी अब लगभग असंभव ही है। चयनकर्ताओं को लगा कि भले ही युवी का बल्ला वनडे फॉरमेट में नहीं चल रहा है लेकिन टी-20 के वह मंझे हुए खिलाड़ी हैं। शायद इसलिए उन्हें वर्ल्ड कप के लिए टीम में जगह दी गई थी लेकिन यहां भी वह फ्लॉप साबित हुए।

युवी पहले अपनी गेंदों से और फील्डिंग में भी कमाल दिखाते थे लेकिन अब उन्होंने गेंदबाजी भी करना बंद कर दिया है जबकि उनकी फील्डिंग में भी पहले जैसी चपलता नहीं रही है। ऐसे में अब शायद ही उन्हें कभी टीम इंडिया की वनडे और टी-20 टीम में जगह मिल सके।

धोनी ने किया बचाव

टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में मिली हार के बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने युवराज सिंह का बचाव किया। धोनी ने कहा, ‘युवराज अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे थे और यही सबसे अहम बात है। ऐसा केवल क्रिकेटरों के साथ नहीं होता है बल्कि सभी के साथ होता है। युवी के लिए यह अच्छा दिन नहीं था।

किसी भी बल्लेबाज के लिए यह आसान नहीं होता है कि जाते ही रन ठोकना शुरू कर दे। यह पूछने पर कि उन्होंने युवराज से पहले खुद उतरने का फैसला क्यों नहीं किया। धोनी ने कहा, ‘हम बाएं और दाएं हाथ के बल्लेबाजों का संयोजन चाहते थे ताकि श्रीलंका के गेंदबाज अपनी योजना को अमलीजामा न पहना सकें। यही कारण है कि हमने युवी को चार नंबर पर उतारा।

मुझे लगता है कि हमने बीच के ओवरों में धीमी बल्लेबाजी की जिसका खामियाजा हमें भुगतना पड़ा। सिर्फ विराट की रन बना पा रहे थे लेकिन बाकी बल्लेबाजों को रन बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा था। मैच शुरू होने से पहले हुई बारिश के कारण गेंद रुककर आ रही थी जिसके कारण रन बनाने में दिक्कत हो रही थी।’

युवराज सिंह के बचाव में उतरे सचिन

एक खराब दिन से जहां क्रिकेटर पंडित युवराज सिंह का खेल खत्म मान रहे हैं। वहीं, भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने भी युवराज का बचाव किया है।

सचिन का कहना है कि युवराज ने भारतीय टीम को कई यादगार लम्हे दिए हैं। भारत को 2011 वर्ल्ड कप दिलाने में उसकी भूमिका अहम रही है। वह मैन ऑफ द सीरीज रहे थे। ऐसे में एक खराब दिन से युवराज का खेल खत्म नहीं माना जाना चाहिए। सचिन को उम्मीद है कि है कि युवराज 2015 वर्ल्ड कप केलिए भारतीय टीम का हिस्सा होंगे।

सचिन ने यह बात अपने फेसबुक अकाउंट के जरिये कही हैं। सचिन ने वर्ल्ड कप फाइनल में टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन के बाद चंडीगढ़ स्थित युवराज के घर पर क्रिकेट प्रशंसकों द्वारा पत्थरबाजी करने पर हैरानी जताई है। सचिन ने क्रिकेट प्रशंसकों से आग्रह किया है कि वे ऐसी हरकतें नहीं करें। उन्हें युवराज का समर्थन करना चाहिए। पिछली शाम युवराज के लिए कठिन दिन था और उनकी आलोचना हो सकती है।
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पिता और दोस्त भी बचाव में

युवराज सिंह के पिता योगराज ने कहा कि फाइनल में हार के लिए युवी अकेले जिम्मेदार नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘अकेले युवराज को दोषी नहीं ठहराना चाहिए। जब टीम हारती है तो चारों तरफ से आलोचना शुरू हो जाती है। उतार-चढ़ाव जिंदगी और खेल का हिस्सा है। खेलभावना होना बहुत जरूरी है। हालांकि मैं यह जरूर मानता हूं की युवराज को घरेलू क्रिकेट ज्यादा खेलनी चाहिए।’

ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह भी अपने साथी खिलाड़ी युवराज सिंह के बचाव में उतर आए हैं। हरभजन ने प्रशंसकों से आग्रह किया है कि सिर्फ एक खराब दिन के लिए कड़वी बातें नहीं कही जानी चाहिए। भज्जी ने ट्विट करते हुए कहा, ‘यह देखकर काफी चौंक गया हूं कि सभी युवी पर आरोप लगा रहे हैं। इस आदमी ने आपको दो वर्ल्ड कप जिताए हैं।

वह मैच जिताने वाले भारत के दुर्लभ खिलाड़ियों में से हैं। अंडर-19 वर्ल्ड कप से नेटवेस्ट सीरीज, 2007 टी-20 वर्ल्ड कप से 2011 वर्ल्ड कप, मैंने उन्हें एक ऐसे खिलाड़ी के तौर पर पाया जिसने बड़े मैचों में बहुत कुछ किया। एक खराब दिन और हम आलोचक बन गए।’
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