भले ही आईपीएल 7 में युवराज सिंह ने अपने पहले ही मैच में शानदार बल्लेबाजी कर टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई हो, लेकिन उनकी यह पारी आलोचनाओं का केंद्र बन गई है।
ऐसा इसलिए हुआ कि इस मैच से पहले युवराज सिंह ने अंतिम बार बांग्लादेश में टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ बेहद खराब बल्लेबाजी की थी और उनकी सुस्त बल्लेबाजी ही टीम इंडिया की हार का सबब बनी थी।
खिताबी जंग में भारत के हारने के बाद देशभर में उनके खिलाफ प्रदर्शन हुआ था और उन्हें टीम से बाहर करने की मांग भी उठने लगी थी। इसके बाद अब वह आईपीएल में खेलने गए और इस बार उन्हें नई टीम रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर के लिए खेलना था और पहले ही मैच में वह मैन ऑफ द मैच बन गए।
युवी के बचाव में कप्तान कोहली को आना पड़ा
रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर के कप्तान विराट कोहली ने ऑलराउंडर युवराज सिंह का बचाव करते हुए कहा कि युवी की क्षमता पर संदेह करना अनुचित है।
आईपीएल सात के पहले मुकाबले में दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ आठ विकेट से मिली जीत के बाद विराट ने युवराज की नाबाद 52 रनों की पारी की प्रशंसा करते हुए कहा कि युवराज एक मैच विनर हैं और उनकी क्षमता पर संदेह नहीं किया जा सकता है।
विराट ने कहा, "युवराज के वर्ल्ड कप टी-20 में खराब प्रदर्शन के बाद उनकी काफी आलोचना की गई थी। यह पूरी तरह से अनुचित है। युवराज एक मैच विनर हैं और उन्होंने हमारे लिए दो बार वर्ल्ड कप मुकाबलों में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कई बार खुद को साबित किया है और ऐसे खिलाड़ी का समर्थन करना जरूरी होता है।"
कोहली ने युवराज के साथ की थी साझेदारी
इस मैच में विराट कोहली (नाबाद 49) और युवराज सिंह (नाबाद 52) ने तीसरे विकेट के लिए 84 रन की नाबाद साझेदारी निभाई थी।
कप्तान कोहली ने साथ ही अपने गेंदबाजों की भी जमकर प्रशंसा की।
उन्होंने कहा, "इस ट्रैक पर 170 से अधिक का स्कोर बनाया जा सकता है लेकिन विपक्षी टीम को 145 से नीचे पर रोकने का श्रेय हमारे गेंदबाजों को जाता है। चहल ने असाधारण प्रदर्शन किया जबकि वरुण आरोन और मिचेल स्टार्क ने भी अच्छी गेंदबाजी की।"