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विजेंदर की कमर दे गई धोखा

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पहले और दूसरे राउंड के बीच तक सब ठीक-ठाक हुआ। अचानक विजेंदर कुछ सुस्त दिखाई दिए। उजबेकिस्तानी एबोस एटोव ने एक के बाद एक उन पर लेफ्ट हुक जड़े। लगा एटोव गुआंगझू एशियन गेम्स की हार का ऐतिहासिक बदला लेने का प्रण कर चुके हैं। ठीक हुआ भी यही तीसरे राउंड की घंटी बजते ही एटोव ने विजेंदर पर आक्रमण शुरू कर दिया।
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बावजूद इसके बीजिंग ओलंपिक के इस पदक विजेता ने वापसी की कोशिश की। लेकिन अंत में नतीजा उनके खिलाफ गया। आखिर एटोव इस प्रतिद्वंद्विता का बहुत बड़ा बदला ले चुके थे। अब लाइट फ्लाइवेट में एल देवेंद्रो सिंह पर बीजिंग ओलंपिक की सफलता दोहराने का सारा भार है।

हालांकि बाउट खत्म होने के बाद कोच बीआई फर्नांडीज स्कोरिंग से फिर खुश नजर नहीं आए। उन्होंने जजेज को माफिया की संज्ञा दे डाली। लेकिन आईबीएफ ने प्रोटेस्ट का निर्णय नहीं लिया फेडरेशन अध्यक्ष अभय चौटाला ने कहा कि उन्होंने सभी से बात की है। प्रोटेस्ट का फायदा नहीं मिलने वाला है। हालांकि बाद में प्रशिक्षकों ने बाउट की वीडियो रिकार्डिंग देखी।
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इसमें उनके अनुसार पहले राउंड में 3-3 का स्कोर विजेंदर के पक्ष में होना चाहिए था, जबकि दूसरे राउंड में 5-7 का स्कोर उनके उल्टा उनके पक्ष में जाना चाहिए था। तीसरे राउंड के 5-7 का स्कोर कोचेज को ठीक लगा। कोच जीएस संधू का कहना है कि स्कोरिंग के खिलाफ कुछ नहीं किया जा सकता है। उनके बॉक्सरों ने शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन भाग्य उनके साथ नहीं था।

बाउट खत्म होने के बाद विजेंदर पूरी तरह से टूट गए थे। उन्होंने कहा आज उनका दिन नहीं था। फिर उन्होंने खुलासा किया कि दूसरे राउंड में कमर के उठे दर्द ने उन्हें काफी परेशान किया। इसके चलते वह तीसरे राउंड में अपना नेचुरल खेल नहीं खेल सके। विजेंदर के लिए यह हार कितना बड़ा झटका है इसका अंदाजा सिर्फ उन्हीं को है। कोच संधू के मुताबिक वह और विजेंदर दोनों एटोव के खिलाफ जीत के प्रति आश्वस्त थे। हार के बाद टूटे विजेंदर अभय चौटाला से भी आंखें नहीं मिला सके। वह उनके पैर छूकर सीधे गेम्स विलेज चले गए। विजेंदर इस कदर टूटे हुए थे कि वह देर रात तक जागते रहे और उनकी आंखों में आंसू थे।

चुकानी पड़ी हीथ के नहीं आने की कीमत
कमर का दर्द विजेंदर के लिए आज से नहीं बल्कि लंबे समय से मुसीबत बना हुआ है। यही कारण था उन्होंने खेल मंत्री अजय माकन से व्यक्तिगत रूप से मिलकर अपने लिए एक विश्वस्तरीय फिजियो की डिमांड की थी। उन्होंने इसके लिए पुराने दक्षिण अफ्रीकी फिजियो हीथ मैथ्यूज को मांगा था। खेल मंत्री ने तुरंत हामी भरते हुए सारा खर्च उठाने को तैयार हो गया। बावजूद इसके हीथ मैथ्यूज लंदन में विजेंदर के साथ नहीं थे।

हालांकि टीम मैनेजमेंट का कहना है कि विजेंदर को चोट बाउट के दौरान रिंग में लगी है। वह बाउट से पहले बिलकुल ठीक थे। लेकिन विजेंदर की कमर का दर्द पुराना है। उनके रहने का उन्हें हर हालत में फायदा मिलता। भारतीय दल के शेफ डि मिशन और इंडियन बॉक्सिंग फेडरेशन के सेक्रेटरी जनरल पीके मुरलीधरन राजा का कहना है कि हीथ मुंबई के कोकिला बेन अस्पताल में काम करते हैं। उन्हें लाने की कोशिश की गई थी। लेकिन उन्हें यहां आने के लिए उनके संस्थान ने अनुमति नहीं दी।

अब लाइट हेवी वर्ग में खेलेंगे विजेंदर
पदक की होड़ से बाहर हो चुके विजेंदर ने कहा कि अब वह अपने भार वर्ग में परिवर्तन कर 81 किलो वर्ग में खेलेंगे। उन्होंने कहा, ‘मैं पिछले छह और उससे भी अधिक सालों से 75 किलो वर्ग में खेल रहा हूं। अब मैं 81 किग्रा वर्ग में खेलूंगा और उम्मीद है कि इस वर्ग में देश के लिए बढ़िया करूंगा।’
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