साल 2014 में उत्तराखंड के खाते में 25 अंतरराष्ट्रीय पदक आए हैं, जिनमें 11 स्वर्ण हैं। खास बात यह है कि अधिकतर पदक वेटरन खिलाड़ियों ने दिलाए हैं।
जबकि कुछ युवा खिलाड़ियों को छोड़कर अधिकतर सिर्फ प्रतिभाग करने तक ही सिमट गए। 21 फरवरी को मुख्यमंत्री आवास में साल 2014 के पदक विजेताओं को पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया जाना है। खेल विभाग की सूची में अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं की संख्या 25 है, जिनमें 11 स्वर्ण, 7 रजत और 7 कांस्य पदक शामिल हैं।
प्रदेश के कुल 25 खिलाड़ियों ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया था, मगर सिर्फ 13 खिलाड़ियों ने ही पदक जीते हैं। सबसे अधिक पदक एथलेटिक्स और बैडमिंटन की वेटरन वर्ग की प्रतियोगिताओं में हासिल हुए हैं।
जिसमें वेटरन एथलेटिक्स खिलाड़ी दर्शन सिंह ने अकेले 9 पदक जीते हैं। इसमें 5 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल हैं। जबकि विजय चौधरी ने महिला वर्ग में 3 स्वर्ण पदक जीतने में सफलता हासिल की है।
ये हैं पदक विजेता
दर्शन सिंह-9 पदक, मनोज सरकार- 4 पदक, विजय चौधरी(महिला)-3 पदक, जतेंद्र कौर- 2 पदक, सविता गुरुंग, सुचिका तड़ियाल, गुरमीत सिंह, चंद्रशेखर शर्मा, विशेष भृगुवंशी, रमाकांत शर्मा और धर्मपाल शर्मा को एक पदक मिला है।
प्रतिभाग पर इन्हें मिलेगा इनाम
सन्नी कुमार, गौरव तोमर, तेविथा तड़ियाल, अमित बेलवाल, कुहु गर्ग, गुरमीत सिंह, निष्ठा पैन्यूली, मनीष रावत,महेंद्र परिहार, दीपेंद्र सिंह नेगी, अनिरुद्घ थापा
ये कोच होंगे पुरस्कृत
सतीश शर्मा, विनोद बछानी
1.42 करोड़ की पुरस्कार राशि
राज्य से अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिता के पदक विजेताओं को पुरस्कृत करने के लिए खेल विभाग 1 करोड़ 42 लाख, 78 हजार रुपए खर्च करने जा रहा है।
जिसमें से 1 करोड़ 5 लाख 93 हजार रुपए राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेता करे करीब 150 खिलाड़ियों और करीब 70 कोचों को दिया जाएगा। जबकि अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं और प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों के कोचों को करीब 36 लाख 85 हजार रुपए पुरस्कार में मिलेंगे।