उत्तराखंड का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाले खिलाड़ियों के लिए खेल नीति में राज्य खेल पुरस्कार योजना प्रारंभ करने की योजना है।
हर साल 15 पुरस्कार दिए जाएंगे। इनमें से आठ व्यक्तिगत, राष्ट्रीय टीम में शामिल रहे पांच खिलाड़ी, एक विकलांग और एक वेटरन खिलाड़ी शामिल होंगे। पुरस्कार के तहत एक लाख रुपये नकद पुरस्कार राशि, प्रशस्ति पत्र और ब्लेजर दिया जाएगा।
अभी ये हैं पुरस्कार
प्रदेश में दो वर्ष पूर्व खेल विभाग ने उत्तराखंड लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड की शुरुआत की थी। इसके बाद वर्ष 2013 से सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को उत्तराखंड खेल रत्न और प्रशिक्षक के लिए उत्तराखंड द्रोणाचार्य पुरस्कार प्रारंभ किया गया। अब राज्य खेल पुरस्कार से खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
इन्हें मिलेगा पुरस्कार
- उत्तराखंड के ऐसे खिलाड़ी जिन्होंने योजना शुरू होने के पहले लगातार तीन साल तक उच्चतम उपलब्धि हासिल की हो
- ओलंपिक/ सीनियर विश्व कप/ वर्ल्ड चैंपियनशिप/ कॉमनवेल्थ गेम्स/ एशियाई खेल/ एफ्रो एशियन गेम्स/ सीनियर एशियन चैंपियनशिप/ सीनियर कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप और सैफ खेलों में भागीदारी की हो
- ऐसे खिलाड़ी जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए राष्ट्रीय टीम में चयनित होने से पहले उत्तराखंड राज्य के लिए खेला हो या प्रतिनिधित्व किया हो
सर्वश्रेष्ठ रेफरी भी होंगे पुरस्कृत
खेल नीति में रेफरी और निर्णायकों को भी पुरस्कृत करने का प्रस्ताव है। उन्हें यह पुरस्कार उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर दिया जाएगा। हालांकि, पुरस्कार प्रतिवर्ष दिया जाएगा, यह तय नहीं है।
उच्चस्तरीय समिति की संस्तुति पर ही यह पुरस्कार दिया जाएगा। इसके लिए रेफरी को राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय स्तरीय रेफरी परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
इसके अलावा पांच साल से अधिक समय तक राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में रेफरी की भूमिका निभाई होनी चाहिए। प्रस्ताव में एक लाख रुपये नकद पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र, ब्लेजर और शॉल दिया जाएगा।