उत्तराखंड की जूडो खिलाड़ी सविता गुरुंग की परीक्षा अब एशिया कैडेट जूडो चैंपियनशिप में होगी। चाइना ताइपे में होने वाली चैंपियनशिप में सविता गुरुंग को भारतीय टीम में शामिल किया गया है।
48 किलोग्राम भार वर्ग के लिए हुआ चयन
चाइना ताइपे में 31 जुलाई से 6 अगस्त तक प्रतियोगिता का आयोजन होगा। इसमें 14 भारतीय खिलाड़ी भी दमखम दिखाएंगे। देहरादून के गढ़ी कैंट निवासी सविता गुरुंग का चयन 48 किलोग्राम भार वर्ग के लिए हुआ है।
भारतीय सीनियर इंडिया कैंप में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी सविता ने छोटी सी उम्र में कई कामयाबी हासिल कर ली हैं। सात साल के करियर में सविता राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में 10 स्वर्ण सहित 12 पदक जीत चुकी हैं।
नौ साल की उम्र में की खेल की शुरुआत
सैनिक परिवार से ताल्लुक रखने वाली सविता के खेल की शुरुआत नौ साल की उम्र में हुई थी। सविता ने बताया कि गर्मियों की छुट्टियों में वे अपने भाई के साथ घर पर खेलती थीं।
तभी पिता जीबी गुरुंग ने उसकी प्रतिभा को पहचाना। पिता से उन्हें प्रोत्साहन मिलता रहा और उन्होंने 2006 में परेड ग्राउंड स्थित जूडो शिविर में प्रवेश लिया। 2007 में उन्होंने शिलांग में पहला स्वर्ण पदक जीता था।
सविता रोज सुबह सवा घंटा और शाम को करीब 3 घंटे अभ्यास करती हैं। जूडो एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के तकनीकि सचिव अवनीश भट्ट ने बताया कि टूर्नामेंट का पूरा खर्च भारतीय खेल प्राधिकरण उठा रहा है।