उत्तराखंड के 16वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में उत्तराखंड उदय उत्सव के तहत ‘नशे के खिलाफ जंग, परंपरागत खेल खेलेंगे हम’ आयोजन हो रहा है।
बृहस्पतिवार को पहले दिन मैदान पर स्कूली बच्चों में पारंपरिक खेलों के प्रति खासा उत्साह नजर आया। छात्र-छात्राओं ने फुटसाल, मुर्गा झपट में जहां शरीर की फुर्ती दिखाई तो खेल बट्टी और बाघ-बकरी के खेल में दिमागी चतुराई का परिचय दिया। पिट्ठू खेल में छात्राओं ने गिट्टियों पर बॉल से सटीक निशाने साधे। पांच दिन तक चलने वाला यह आयोजन कांग्रेस प्रदेश महासचिव आनंद सिंह रावत की पहल पर शुरू हुआ है।
बृहस्पतिवार को ओएनजीसी के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में मुख्य अतिथि केंद्रीय विद्यालय संगठन के डिप्टी कमिश्नर शोमित श्रीवास्तव ने खेलों का विधिवत उद्घाटन किया। मैदान में मौजूद सभी लोगों ने नशे से दूर रहने, नशे को समाज से खत्म करने और हफ्ते में दो दिन उत्तराखंड में होने वाले अनाज से बने व्यंजन इस्तेमाल करने की शपथ ली। श्रीवास्तव ने कहा कि यह अनूठा आयोजन अनोखी पहल है।
इससे नई पीढ़ी को अपने पारंपरिक खेलों के बारे में जानकारी मिलेगी। ये खेल बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में भी महत्वपूर्ण हैं। इस आयोजन को पूरे प्रदेश में चलाए जाने की आवश्यकता है। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव ने कहा कि यह अभी शुरूआत है, आगे इसे और विस्तार दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेल युवाओं को नशे से दूर करने में भी मददगार साबित होंगे। पहले युवा स्कूल या घर में खाली वक्त में ये खेल खेलकर मनोरंजन के साथ शरीर को भी फुर्तीला और लचकदार रखते थे। अब कई युवा ऐसे हैं, जो खाली वक्त में नशे की तरफ चले जाते हैं। पारंपरिक खेलों को बढ़ावा मिलेगा तो, खुद-ब-खुद युवा नशे के बजाय खेल-खेल में मनोरंजन करेंगे।
पारंपरिक खेलों के आयोजन के पहले दिन युवा वर्ग में खूब उत्साह और जोश दिखाई दिया। कई बच्चों ने कहा है कि वे आगे भी इस तरह के आयोजन में हिस्सा लेना चाहेंगे। पूरे आयोजन के दौरान युवाओं को नशे के खिलाफ भी जागरूक किया जाएगा। छात्र-छात्राओं को सभी दिन स्थानीय व्यंजन परोसे जाएंगे।
- आनंद सिंह रावत, कांग्रेस प्रदेश महासचिव