कड़ी मेहनत के आगे विकलांगता भी नहीं टिकती। यह बात अबोहर निवासी बैडमिंटन खिलाड़ी संजीव पर सटीक बैठती है।
चंडीगढ़ में ट्रेनिंग लेकर उन्होंने नेशनल व्हील चेयर बैडमिंटन चैंपियनशिप में दो गोल्ड और एक ब्रोंज मेडल जीते हैं। यह चैंपियनशिप 22-22 दिसंबर के बीच मुंबई के डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में हुई थी।
इसमें सिंग्लस में संजीव ने महाराष्ट्र के हरीश को 21-12, 21-15 से हराकर गोल्ड जीता।
मिक्स डबल्स में संजीव ने महाराष्ट्र की कार्तिक के साथ जोड़ी बनाकर खेलते हुए बुलबुल और नरेश की जोड़ी को 21-16, 21-12 से हराकर गोल्ड जीता। मेंस डबल्स में भी संजीव ने ब्रोंज मेडल हासिल किया।
इस बैडमिंटन खिलाड़ी ने देश ही नहीं विदेशों में भी मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। संजीव जब दस साल के थे, तभी बुखार की वजह से दायां पांव खराब हो गया।
इसके बावजूद संजीव ने हार नहीं मानी और बैडमिंटन खेलने लगे। शुरू में स्टेट लेवल और फिर नेशनल लेवल पर छह गोल्ड मेडल जीते।
पीयू में ली ट्रेनिंग
संजीव ने 2008 से पंजाब यूनिवर्सिटी के पीयू जिम्नेजियम हॉल में सुरेंद्र महाजन से बैडमिंटन की ट्रेनिंग ली थी। यहीं पर की गई कड़ी ट्रेनिंग ही संजीव के काम आई।
उपलब्धियां
2009: भारत में वर्ल्ड बैडमिंटन पैरा गेम्स में बैडमिंटन में सिल्वर मेडल
2010: इस्राइल में वर्ल्ड पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप में ब्रोंज मेडल
2012: फ्रांस में वर्ल्ड पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप में सिंगल्स में ब्रोंज मेडल
2013: जर्मनी में वर्ल्ड पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप में ब्रोंज मेडल