इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया गुरुवार से लीस्टरशायर के खिलाफ लीस्टर में पहला तीन दिवसीय अभ्यास मैच खेलने उतरेगी। टेस्ट सीरीज से पहले भारत को 2 अभ्यास मैच खेलने हैं।
टीम इंडिया 2011 में इंग्लैंड दौरे पर किए गए खराब प्रदर्शन को भूलाना चाहेगी। इस दौरे पर भारतीय टीम एक भी मैच नहीं जीत सकी थी और उसे टेस्ट सीरीज में 0-4 से, 5 मैचों की वनडे सीरीज में 0-3 से और एक टी-20 मैच में भी हार का सामना करना पड़ा था।
उस समय टीम इंडिया की कमान महेंद्र सिंह धोनी के ही हाथों में थी और टीम में सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण, राहुल द्रविड़ और वीरेंद्र सहवाग जैसे धुरंधर मौजूद थे।
कोहली और पुजारा समेत युवाओं पर दारोमदार
30 साल बाद पहली बार 5 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने टीम इंडिया इंग्लैंड के दौरे पर है। इस बार टीम इंडिया के सामने बड़ी चुनौती होगी क्योंकि इस बार विदेशी धरती पर बड़ी पारियां खेलने वाले राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण और वीरेंद्र सहवाग जैसे दिग्गज बल्लेबाज टीम में नहीं हैं।
इस बार टीम का दारोमदार उपकप्तान विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा जैसे युवा खिलाड़ियों के कंधों पर है।
कोहली और पुजारा के अलावा भारतीय टीम में इस बार कई युवा खिलाड़ी शामिल किए गए हैं जिन्हें इंग्लैंड में शानदार प्रदर्शन कर अपने करियर को आगे बढ़ाने का बेहद शानदार मौका होगा।
लगातार हार से दबाव में है इंग्लैंड
भारत के लिए इंग्लैंड का दौरा हमेशा से मुश्किलों भरा रहा है। बल्लेबाजी टीम इंडिया का सबसे मजबूत आधार है, लेकिन यह तेज पिचों पर खासकर भारतीय उपमहाद्वीप के बाहर नाकाम हो जाती रही है।
लेकिन इस बार टीम इंडिया के लिए कुछ बातें सकारात्मक रह सकती हैं। ब्राजील में चल रहे फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप में इंग्लैंड टीम शर्मनाक प्रदर्शन के बाद पहले ही दौर में बाहर हो गई है जबकि बुधवार को श्रीलंकाई टीम ने 2 टेस्ट मैचों की सीरीज में इंग्लैंड को शिकस्त दी है। इंग्लैंड श्रीलंका से दूसरा टेस्ट मैच महज एक गेंद पहले हार गया था।
मेजबान इंग्लैंड के खेल प्रेमी इस समय बेहद निराशा में हैं और इसलिए इंग्लैंड क्रिकेट टीम पर भारत के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करने का भारी दबाव होगा। ऐसे में टीम इंडिया को मनोवैज्ञानिक फायदा मिल सकता है।