बिक्री में गिरावट और महंगे कर्ज जैसी समस्याओं से जूझ रहे ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (टीवी, फ्रिज आदि) उद्योग की मनचाही मुराद को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट से पहले ही पूरा कर दिया है।
जेटली ने इन दोनों सेक्टरों को उत्पाद शुल्क में मिल रही छूट को बरकरार रखने की घोषणा की है। इन दोनों ही सेक्टरों को यूपीए सरकार द्वारा अंतरिम बजट में मिली 2-6 फीसदी की छूट अब 31 दिसंबर 2014 तक जारी रहेगी।
पहले इस कटौती की अवधि 30 जून को समाप्त होने वाली थी। बुधवार को वित्त मंत्री की ओर से की गई इस घोषणा का दोनों ही उद्योगों ने स्वागत किया है। इससे पहले कंपनियों द्वारा बजट में एक्साइज छूट वापस लिए जाने पर गाड़ियों और कंज्यूमर ड्यूरेबल उत्पादों के दाम बढ़ाने की खबरें आ रही थीं।
इन चीजों के नहीं बढ़ेंगे दाम
बुधवार को फैसले की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि उत्पाद शुल्क में जारी कटौती 31 दिसंबर 2014 तक बनी रहेगी। जेटली के अनुसार मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए फैसला लिया गया है।
उन्होंने कहा कि उत्पाद शुल्क में कटौती को जारी रखने से राजस्व के रूप में अर्थव्यवस्था को होने वाला नुकसान बहुत छोटा मुद्दा है। इसलिए सरकार ने छूट को छह माह तक और जारी रखने का निर्णय किया है।
गौरतलब है कि सरकार के इस फैसले के बाद छोटी कारों, स्कूटर, मोटरसाइकिल और वाणिज्यिक वाहनों पर उत्पाद शुल्क 12 फीसदी की जगह 8 फीसदी, एसयूवी पर फैक्टरी गेट ड्यूटी 30 फीसदी की जगह 24 फीसदी, मझोली और बड़ी कारों पर 24 और 20 फीसदी पर बरकरार रहेगी। इसी तरह कैपिटल गुड्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल उत्पादों पर 10 फीसदी की जगह 8 फीसदी उत्पाद शुल्क बरकरार रहेगा।
दो साल बाद मई में बढ़ी बिक्री
लगातार दो साल से कार कंपनियों की गिर रही बिक्री को मई के महीने में कुछ तेजी मिली थी।
कंपनियों के अनुसार ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि नई सरकार के आने से माहौल जहां बदला वहीं, उत्पाद शुल्क में कई गई कटौती से कम हुई कीमतों ने ग्राहकों को आकर्षित किया।
मई में कारों की बिक्री 3.08 फीसदी और दुपहिया वाहनों की बिक्री 11.17 फीसदी बढ़ी। हालांकि इस दौरान वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में 15 फीसदी गिरावट रही।