देहरादून के खिलाड़ियों को अब राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में सिंथेटिक कोर्ट का डर नहीं सताएगा। खेल विभाग खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं देने के लिए परेड ग्राउंड में वॉलीबॉल और बास्केटबॉल के सिंथेटिक कोर्ट बनाने जा रहा है।
इसके लिए 1.20 करोड़ रुपए का बजट भी जारी कर दिया गया है। विभाग की मानें तो जुलाई तक कोर्ट तैयार हो जाएंगे। राष्ट्रीय खेल 2018 से पहले ही राज्य के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की मूलभूत सुविधाएं देने के लिए खेल विभाग ने पहल शुरू कर दी है। परेड ग्राउंड स्थित खेल परिसर में अब वॉलीबॉल और बास्केटबॉल के सिंथेटिक कोर्ट बनाए जा रहे हैं।
बता दें कि परेड ग्राउंड में बास्केटबॉल के दो और वॉलीबाल के दो नए कोर्ट बनाए गए हैं। इसमें फेंसिग (जाली लगाना) का काम इस हफ्ते शुरू होने जा रहा है। फिलहाल सीमेंट के फर्श पर चोट लगने की संभावना को देखते हुए खिलाड़ियों को अभी उतारा नहीं गया है।
सिंथेटिक कोर्ट बिछने के बाद इसका लाभ मिल पाएगा। पहले से खेल विभाग के पास एक सीमेंट का बास्केटबॉल कोर्ट है, जबकि वॉलीबॉल खिलाड़ी पवेलियन स्थित मिट्टी के मैदान में अभ्यास करते हैं। खिलाड़ियों के खेल का स्तर सुधारने के लिए खेल परिसर में बने दो बास्केटबॉल कोर्ट और दो वॉलीबॉल कोर्ट को सिंथेटिक बनाने जा रहा है।
जिला खेल अधिकारी सतीश सार्की ने बताया कि प्रदेश में खेल विभाग के पास अब तक बास्केटबॉल और वॉलीबॉल के सिंथेटिक कोर्ट नहीं हैं। जबकि अधिकतर बास्केटबॉल कोर्ट वुडन के बने हैं और वॉलीबाल मैदान में ही खेली जाती है। परेड ग्राउंड पहला स्थान होगा जहां दोनों खेलों के सिंथेटिक कोर्ट लग रहे हैं।