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'सुपर मारियो' ने जीता शहर के फुटबॉलरों का दिल

Tue, 15 Jul 2014 01:07 PM IST
संजीव पंगोत्रा /अमर उजाला, चंडीगढ़
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जर्मनी, जर्मनी... मैसी, मैसी... कुछ इस तरह की आवाजें पूरे हॉल में गूंजती रहीं। मौका था फीफा वर्ल्ड कप 2014 के फाइनल का, जिसमें जर्मनी और अर्जेंटीना की टीमें आमने सामने थीं।
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स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के हॉस्टल में टीवी के सामने फुटबाल एकेडमी के कई खिलाड़ी आंखे गड़ाए बैठे थे। एक्स्ट्रा टाइम में मरियो गोएत्जे ने गोल दाग कर जर्मनी को विजेता बनाया। हॉस्टल में मैच देख रहे जर्मनी के समर्थक खिलाड़ियों की खुशी देखने लायक थी तो अर्जेंटीना के सर्मथकों में निराशा छा गई।

मारियो बने हीरो
शहर के युवा फुटबॉलर अरमान ने कहा कि पहले तो मैसी मेरे हॉट फेवरेट थे, लेकिन मरियो गोएत्जे के गोल ने अपना कायल बना लिया।

मोहित ने कहा कि जिस तरह से अर्जेंटीना के गोलकीपर को छकाते हुए गोएत्जे ने गोल दागा वह काबिल-ए-तारीफ था। वहीं, अंकित ने कहा कि वह वर्ल्ड कप के फाइनल की हाईलाइट फिर से देखेंगे और मारियो गोएत्जे की शैली को अपनाना चाहेंगे।
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अन्य खेलों के खिलाड़ियों ने भी उठाया लुत्फ
भले ही भारत ने अभी तक वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई नहीं किया हो, लेकिन इसके बावजूद देश में फुटबॉल के प्रशंसकों की कमी नहीं है। शहर के विभिन्न खेलों से जुड़े खिलाड़ी भी वर्ल्ड कप फुटबॉल के फीवर से बच नहीं पाए और देर रात तक चले फाइनल के रोमांच में खो गए।

इस बार फुटबाल फीवर सभी पर चढ़ा हुआ दिखाई दिया। मैंने परिवार के साथ बैठकर फाइनल मुकाबले को देखा। मैच से पहले ही जर्मनी मेरी हॉट फेवरेट टीम थी और इसके जीतने की मुझे काफी खुशी है।  
हरमीत काहलों, अंतरराष्ट्रीय गोल्फर

फीफा वर्ल्ड कप में कई रोमाचंक मुकाबले देखने को मिले। फाइनल जैसा सोचा था वैसा ही देखने को मिला। दो दिग्गज टीमों के बीच काफी कड़ा मुकाबला देखने मिला। आखिर में मरियो गोएत्जे ने आर्जेंटीना को खिताब से वंचित कर दिया।
अजितेश, अंतरराष्ट्रीय शूटर

एशियन गेम्स के ट्रायल के बाद काफी थक गया था, लेकिन फीफा वर्ल्ड के फाइनल मुकाबले को देखने से अपने को रोक नहीं पाया। जर्मनी की ओर से किया गया एकमात्र गोल देखने वाला रहा।
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- कपिल, अंतरराष्ट्रीय अर्चर

मैसी मेरे फेवरेट खिलाड़ी हैं और फाइनल में अर्जेंटीना को जीतते हुए देखने की चाहत थी। अंत में जर्मनी बेहतर खेला और विजेता बन बैठा।
- प्रशांत चोपड़ा, क्रिकेटर
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