भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से अस्थायी निलंबन झेल रहे एन. श्रीनिवासन खेल की सर्वोच्च संस्था अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अगले अध्यक्ष होंगे। आईसीसी की 52 सदस्यीय पूर्ण परिषद ने बृहस्पतिवार को यहां वैश्विक संस्था में संवैधानिक बदलावों को मंजूरी दे दी जिसके बाद श्रीनिवासन के आईसीसी के अगले अध्यक्ष बनने का रास्ता साफ हो गया। वह सोमवार से पदभार संभालेंगे।
पूर्ण परिषद ने अपने संवैधानिक बदलावों को भी मंजूरी दे दी है जिसके बाद माना जा रहा है कि इन बदलावों से क्रिकेट पर भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया का पूर्ण नियंत्रण हो जाएगा। इसके तहत आईसीसी की कार्यकारी समिति के प्रमुख पद पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधि होगा तो आईसीसी के वित्त और आर्थिक मामलों की समिति के प्रमुख का पद इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन जाइल्स क्लार्क संभालेंगे।
चेन्नई के 69 वर्षीय उद्योगपति श्रीनिवासन के लिए पिछले कई महीने संकटपूर्ण रहे थे लेकिन आईसीसी का चेयरमैन बनकर उन्होंने साबित किया है कि क्रिकेट प्रशासन में उनका दखल बरकरार है। श्रीनिवासन को आईपीएल-6 में हुए भ्रष्टाचार और सट्टेबाजी मामले में अपने दामाद मैयप्पन का नाम सामने आने के बाद बोर्ड की गतिविधियों से अलग कर दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने श्रीनिवासन को मामले की जांच पूरी होने तक बीसीसीआई के अध्यक्ष पद से अलग रहने के लिए कहा था। मगर कोर्ट ने श्रीनिवासन के आईसीसी में किसी पद से जुड़ने पर रोक नहीं लगाई थी। आईसीसी में संवैधानिक बदलावों का निर्णय आठ फरवरी को सिंगापुर में लिया गया था जबकि 10 फरवरी को इस पर अंतिम सहमति ली गई थी जिसके बाद नई कार्यकारी समिति का भी गठन किया गया। यह समिति आईसीसी बोर्ड को रिपोर्ट करेगी।
बीसीसीआई ने जताई खुशी
बीसीसीआई श्रीनिवासन को दो साल के लिए आईसीसी का पहला अध्यक्ष चुने जाने की बधाई देता है। भारतीय क्रिकेट के लिए यह गर्व भरा और ऐतिहासिक पल है। बोर्ड के सभी सदस्यों की ओर से मैं उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं। ऐसे समय में जबकि विश्व क्रिकेट में भारत शीर्ष नेतृत्वकर्ता की भूमिका निभा रहा है, इस खेल के सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए श्रीनिवासन से बेहतर और कोई व्यक्ति नहीं हो सकता था। -- संजय पटेल, बीसीसीआई सचिव
आगे की राह मुश्किल
श्रीनिवासन के लिए आगे का रास्ता आसान नहीं होगा क्योंकि क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार के अलावा फेडरेशन ऑफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर्स एसोसिएशन भी मौलिक रूप से उन्हें चेयरमैन बनाए जाने का विरोध कर चुकी हैं। ऐसे में देखना होगा कि आईसीसी का आचार संहिता आयोग भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे श्रीनिवासन के मामले को किस तरह से देखता है।