फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'केंद्र मदद नहीं करेगा तो उत्तराखंड कराएगा राष्ट्रीय खेल'

Thu, 25 Dec 2014 04:10 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तराखंड ने 2018 में 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी मांगी है तो ये तय समय पर ही होंगे। सभी सुविधाएं भी तय समय के भीतर विकसित कर ली जाएंगी।
विज्ञापन


मिसाल कायम करेगा उत्तराखंड
केंद्र सरकार से मदद की उम्मीद है, अगर केंद्र न भी दे तब भी उत्तराखंड खुद राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी कर मिसाल कायम करेगा। खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल ने मंगलवार को यह बात कही।

स्पोर्ट्स कॉलेज परिसर में राष्ट्रीय खेलों के संबंध में पत्रकार वार्ता में खेल मंत्री ने कहा कि देहरादून, हल्द्वानी को मुख्य खेलों के आयोजन के लिए चुना गया है, जबकि वाटर स्पोर्ट्स टिहरी झील में होंगे। राष्ट्रीय खेलों का मुख्य कार्यालय स्पोर्ट्स कॉलेज को बनाया गया है और जल्द ही मैनेजमेंट कमेटी, सलाहकार भी नियुक्त होंगे।
विज्ञापन


350 से 450 खेल प्रतियोगिताओं में आने वाले खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए 12 हजार लोगों की क्षमता वाला खेल गांव भी बनाया जाना है। जिसके लिए जगह का चयन किया जा रहा है। बंद पड़े आईस रिंग स्टेडियम का भी उपयोग राष्ट्रीय खेलों में होगा।

इसके साथ ही शहर के पब्लिक स्कूलों और इंडियन मिलिट्री एकेडमी में मौजूद खेल सुविधाओं के इस्तेमाल के लिए भी वार्ता की जाएगी। खेल सुविधाओं के निर्माण के बाद देहरादून का महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज देश के सर्वश्रेष्ठ कॉलेजों में शुमार होगा।

पत्रकार वार्ता में खेल सचिव अमित नेगी, खेल निदेशक शैलेश बगोली, उपनिदेशक खेल अजय कुमार अग्रवाल, सहायक निदेशक डा.धर्मेंद्र भट्ट, स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य एसके सार्की आदि मौजूद थे।

2015 में स्टेडियम तैयार करने का दावा
उत्तराखंड को राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी मौजूदा समय में देहरादून और हल्द्वानी में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय खेल स्टेडियमों को देखकर मिली।

खेल सचिव अमित नेगी ने बताया कि भारतीय ओलंपिक संघ की बैठक में अपर सचिव राकेश शर्मा, निदेशक शैलेश बगौली, मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि रंजीत रावत के साथ वे खुद उपस्थित थे।

बैठक में उन्होंने दोनों स्टेडियम दिसंबर 2015 तक तैयार करने का दावा किया। आयोजन में 800 से लेकर 2,000 करोड़ रुपये तक के बीच में खर्च होने का अनुमान है।

कौन से खेल कहां होंगे (प्रस्तावित)
देहरादून- एथलेटिक्स, एक्वेटिक्स, आरचेरी, हैंडबाल, जिम्नास्टिक, जूडो, ताइक्वांडो, रेस्लिंग, वेटलिफ्टिंग, फेंसिंग, बास्केटबॉल, नेटबाल, शूटिंग, फील्ड हॉकी, वालीबाल, कबड्डी।
हल्द्वानी- बैडमिंटन, टेबल-टेनिस, बॉक्सिंग, कराटे, फुटबाल, टेनिस, रग्बी, खो-खो, स्क्वैश, लॉन बॉल्स, सेपेक्टाक्रो, वूशू, साइकिलिंग।
टिहरी- केनोइंग एवं क्वाकिंग, रोईंग, ट्राईएथलॉन।

पहाड़ी क्षेत्रों में बनेंगे 20 स्टेडियम
राज्य के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में खेल विभाग 20 नए स्टेडियम बनाने जा रहा है। इसमें से पौड़ी जिले में स्थित रांसी स्टेडियम का काम 55 फीसदी पूरा भी हो चुका है।
विज्ञापन


चमोली के सेवल डांडा-पीपलकोटी, गैरसैंण, चंपावत के छमनियाचौड़ में स्टेडियम निर्माण के लिए स्वीकृति मिल चुकी है। मुनस्यारी में पर्वतारोहण प्रशिक्षण संस्थान बनाने की तैयारी है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें