वनडे सीरीज से पहले टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की स्थिति बेहद खराब थी और उन्हें कप्तानी के पद से हटाने तक की मांग होने लगी थी।
उनके नेतृत्व में टीम इंडिया विदेशी धरती पर पर लगातार टेस्ट मैच और सीरीज हार रही थी। लगातार हार से टीम के खिलाड़ियों का मनोबल भी गिरता जा रहा था, ऐसे में उन्हें क्रिकेट के उस प्रारूप (वनडे और टी-20) का बेसब्री से इंतजार था जिसमें वह अपनी टीम इंडिया को एक नहीं 2 बार वर्ल्ड चैंपियन बना चुके थे।
खैर, टेस्ट सीरीज के बाद वनडे सीरीज की बारी आई, लेकिन पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया। इसके बाद दूसरे मैच में टीम इंडिया ने जीत के रथ पर सवार होते हुए इंग्लैंड पर दूसरी सबसे बड़ी जीत हासिल कर सीरीज में बढ़त बना ली। फिर तीसरा वनडे आया जो कप्तान धोनी के लिए दोहरी खुशी लेकर आया।
धोनी ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
कप्तान महेंद्र सिंह धोनी बतौर विकेटकीपर भी मैदान पर उतरते हैं। इस मैच से पहले उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा स्टंपिंग करने के श्रीलंका के कुमार संगकारा (440 मैच, 129 स्टंपिंग) के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर ली थी।
धोनी के पास वर्ल्ड रिकॉर्ड को अपने नाम करने के लिए इस मैच में महज एक स्टंप करने की जरूरत थी, लेकिन उन्होंने नॉटिंघम में दो बल्लेबाजों को स्टंप आउट किया। यूं तो भारत के लिए विकेटों की शुरुआत 18वें ओवर में सुरेश रैना ने एलेक्स हेल्स को आउट कर की।
लेकिन इसके बाद विपक्षी टीम के कप्तान एलिस्टर कुक को अंबाती रायडु की गेंद पर धोनी ने स्टंप आउट कर चलता किया। धोनी ने कुक को स्टंप आउट करने के साथ ही अपने 130 शिकार स्टंपिंग के जरिए करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया। इसके बाद उन्होंने जोई रुट को भी स्टंप किया। इस तरह से धोनी ने 380 मैचों में कुल 131 बार स्टंप करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
सबसे सफल भारतीय कप्तान बने धोनी
कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए नॉटिंघम वनडे दोहरी खुशियां देने वाला दिन साबित हुआ। एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के बाद दूसरी खुशी उनका इंतजार कर रही थी। और उन्हें यह खुशी तभी मिलती जब उनकी टीम मैच में जीत हासिल करती।
लेकिन टीम के बल्लेबाजों ने उन्हें निराश नहीं किया और इंग्लैंड की चुनौती का डटकर सामना करते हुए टीम इंडिया के लिए 43 ओवर में ही 4 विकेट खोकर 228 रनों का लक्ष्य हासिल कर लिया।
इस जीत के साथ ही धोनी भारत के सबसे सफल कप्तान बन गए हैं। उन्होंने क्रिकेट में अपनी कप्तानी में भारत को 90 जीत दिलाने के मोहम्मद अजहरुद्दीन के रिकॉर्ड 90 जीत की बराबरी कर ली।