फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सचिन को याद है सकीना का दर्द

Fri, 12 Dec 2014 04:07 PM IST
हेमंत रस्तोगी/अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
मौका था ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतकर तिरंगे का मान रखने वाले पदक विजेताओं को कैश अवार्ड देने का। चार माह पूर्व विज्ञान भवन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल की एक पावरलिफ्टर बैसाखियों के सहारे स्टेज पर आने की कोशिश कर रही थी।
विज्ञापन


फिर क्या था, सचिन तेंदुलकर खुद सकीना खातून की मदद के लिए आगे बढ़ गए। उन्होंने ग्लासगो में कांस्य पदक जीतने वाली सकीना की अगवानी की। न जाने सकीना को क्या हुआ वह सचिन के आगे बिलख पड़ीं। अपनी गरीबी का हवाला देते हुए उन्होंने सचिन से गुहार लगाई कि उन्हें एक अदद नौकरी दिलवा दें।

इस घटना को चार माह हो चुके हैं लेकिन सचिन को सकीना से किया गया अपना वायदा ध्यान है। उन्होंने अपने मैनेजर के जरिए बृहस्पतिवार को सकीना से उनका बायोडाटा मंगवाया है। सकीना इस वक्त बंगलूरू में हैं। वह अपने कोच और नामी विकलांग पावरलिफ्टर फरमान बाशा के साथ ट्रेनिंग कर रही हैं।
विज्ञापन


फरमान ने अमर उजाला से खुलासा किया कि बृहस्पतिवार को सचिन के मैनेजर का ई मेल और मैसेज आया है। उन्होंने कहा है कि सकीना के लिए बंगलूरू की ही एक कंपनी से बात की गई है। तत्काल उनका वह अपना बायोडाटा भेज दें। उनकी बंगलूरू में ही नौकरी लगवाने की कोशिश की जाएगी।

फरमान बताते हैं कि सकीना ने अपना बायोडाटा तुरंत सचिन को भेज दिया है। दरअसल उसने खुद ही सचिन से गुहार लगाई थी कि वह बंगलूरू में नौकरी चाहती हैं। सकीना बताती हैं कि सचिन से मुलाकात के बाद उनकी बात उनके मैनेजर से कई बार हो चुकी है और उन्हीं के जरिए उनकी नौकरी पर काम हो रहा है।

सकीना ने कैश अवार्ड समारोह के दौरान सचिन से कहा था कि उनका परिवार बेहद गरीब है। मां दूसरों के घरों में काम करके परिवार चलाती है। उन्हें सिर्फ एक अदद नौकरी लगवा दें जिससे वह अपने परिवार का पेट पाल सकें। सचिन ने उन्हें ऐसा करने का भरोसा दिलाया था।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें