भारत में अपने टेस्ट कैरियर की शुरुआत सचिन ने सिटी ब्यूटीफुल के क्रिकेट स्टेडियम सेक्टर-16 में की थी। कोच हरीश शर्मा ने कहा कि सचिन जब भारतीय सरजमीं पर यहां अपना पहला टेस्ट खेलने के लिए अभ्यास कर रहे थे तो क्रिकेट के प्रति उनके जनून को देखकर लगा कि वे एक दिन भारतीय क्रिकेट के बेहतरीन क्रिकेटरों में शुमार होंगे। उनके जैसा कोई और नहीं होगा।
आज वो दिन आ गया है और सचिन के करोड़ों फैंस के साथ-साथ पूर्व क्रिकेटर और सिलेक्टर भी उनके खेल और स्वभाव के मुरीद हैं। वानखेड़े स्टेडियम में सचिन अपना 200वां और आखिरी टेस्ट खेल रहे हैं।
वेस्टइंडीज के पहली पारी में 183 रनों पर ढेर करने के बाद भारत ने पहली पारी में 495 रन बनाए। इसमें मास्टर ब्लास्टर ने 74 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली।
सचिन के क्रिकेट में अंतिम टेस्ट खेलने पर पूर्व क्रिकेटर दिनेश मोंगिया ने कहा कि उनके साथ क्रिकेट खेलना अपने आप में अलग अनुभव हैं। उनके साथ खेलने वाले खुद को लकी मानते हैं।
वे टीम में सभी क्रिकेटरों का आदर करते हैं। उनके साथ रहते हुए काफी कुछ सीखने को मिला। सचिन खाली समय में युवा क्रिकेटरों को टिप्स देते रहते थे। इंटरनेशनल क्रिकेट में उनकी कमी हमेशा खलती रहेगी।
पूर्व क्रिकेटर और भारतीय टीम के चयनकर्ता रहे चुके भूपिंदर सिंह सीनियर ने सचिन को एक जमीन से जुड़ा हुआ खिलाड़ी बताया।
उनके मुताबिक सचिन की याददाश्त काफी बढ़िया हैं। वे एक बार जिस क्रिकेटर को मिल लेते हैं तो उसे लंबे समय बाद भी दोबारा मिलने पर उसे पहचान लेते हैं।
क्रिकेट के लिए सचिन ने जो कुछ किया है उसके लिए वे हमेशा से सबके आदर्श रहेंगे।