महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में भारतीय क्रिकेट टीम इस समय न्यूजीलैंड की सरजमीं पर है और मेजबान टीम भारत के खिलाफ अगली सीरीज के लिए रणनीति बनाने में जुटी है।
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न्यूजीलैंड 2008-09 में टीम इंडिया के हाथों मिली हार का बदला चुकता करने को बेताब है। उस दौरे में भारत ने शानदार खेल दिखाते हुए तीन मैचों की टेस्ट सीरीज पर 1-0 से कब्जा जमाया था। सीरीज के दो मैच ड्रॉ रहे थे।
इससे पहले भारत ने पांच मैचों की वनडे सीरीज में भी लाजवाब खेल दिखाया और 3-1 से सीरीज अपने नाम कर ली। मेजबान टीम महज एक मैच में ही जीत हासिल कर सकी थी। जबकि एक मैच बारिश के कारण रद कर दिया गया था।
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बल्लेबाजों को रोकने की हो रही तैयारी
टीम इंडिया चार साल बाद न्यूजीलैंड का दौरा कर रही है और इस बार अपने अभियान की शुरुआत वनडे सीरीज से करेगी। पहला मैच 19 को नेपियर में खेला जाएगा।
यूं तो दोनों टीमें अपनी-अपनी तैयारियों में जुटी हैं, लेकिन मेजबान होने के नाते न्यूजीलैंड भारतीय बल्लेबाजों के लिए ऐसी पिच बना रहा है जिस पर उनके होश फाख्ता हो जाएं। हर किसी को मालूम है कि भारतीय बल्लेबाज तेज और हरियाली पिचों पर ढंग से नहीं खेल पाते हैं।
साथ ही पिछले डेढ़ सालों में तीन बड़े विदेशी दौरे पर भारत को हार ही हाथ लगी है। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज में अपना सूपड़ा साफ कराने के बाद भारत दक्षिण अफ्रीका में भी टेस्ट सीरीज 0-1 से गंवा दिया। वहीं वनडे सीरीज में भी भारत को इन देशों में हार मिली है।
कीवी टीम में एडम मिलने के रूप में 150 किमी से ज्यादा की स्पीड से गेंद फेंकने वाला गेंदबाज है तो जेम्स नीशाम, टिम साउदी और काइली मिल्स जैसे गेंदबाजों को शामिल कर अपने आक्रमण की धार को और पैनी किया है।
भारत को रोकना है तो तैयार करो हरियाली पिच
भारत भले ही वनडे में दुनिया की नंबर वन टीम हो लेकिन पूर्व बल्लेबाज मार्टिन क्रो ने कहा है कि न्यूजीलैंड के पास मौजूदा सीरीज में जीतने की पूरी संभावना है। मार्टिन क्रो ने कहा है कि यह तभी संभव हो सकता है जब न्यूजीलैंड सीरीज के लिए हरी पिच तैयार करे।
2009 के बाद न्यूजीलैंड दौरे पर आई भारतीय टीम में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, जहीर खान और इशांत शर्मा ही मात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें यहां पहले खेलने का अनुभव है।
मार्टिन क्रो ने कहा, "न्यूजीलैंड को चाहिए कि वह भारत के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों पर पूरा ध्यान लगाए जिन्हें यहां खेलने का अनुभव नहीं है। टिम साउदी, ट्रेंट बोल्ट, नील वेगनर और एडम मिलने को शीर्ष के इन्हीं छह बल्लेबाजों को अपना टॉरगेट करना चाहिए। यह सभी फिट और आत्मविश्वास से भरे हुए दिख रहे हैं। सबसे अहम यह है कि यह गेंदबाज अपनी स्विंग से किसी भी दिग्गज खिलाड़ी को पारी की शुरुआत में ही परेशानी में डाल सकते हैं।"
रैंकिंग नहीं प्रदर्शन रखता है मायने
वर्ल्ड चैंपियन भारत टेस्ट में दुनिया की नंबर वन टीम है जबकि न्यूजीलैंड आठवें स्थान पर है लेकिन क्रो का मानना है कि जब दो टीमें जीवंत पिच पर भिड़ती हैं तो रैंकिंग कोई मायने नहीं रखतीं।
अपने समय के दिग्गज बल्लेबाज रहे मार्टिन क्रो का कहना है कि टीम इंडिया आईसीसी रैंकिंग में पहले पायदान पर है जबकि न्यूजीलैंड आठवें स्थान पर, लेकिन दोनों में किसी को भी कमजोर नहीं आंकना चाहिए।
उन्होंने कहा, "अगर यह सीरीज जीवंत पिचों पर खेली गई, जहां मैच के परिणाम चार दिन में ही आने की संभावना हो तो मैं कह सकता हूं कि ऐसी यादगार भिड़ंत होंगी जो हाल के दिनों में देखने को नहीं मिली होंगी। घरेलू टीम को चाहिए कि वह सीरीज जीतने का लक्ष्य बनाए। वैसे भी मुझे लगता है कि घरेलू परिस्थितियों में सभी टीमें जरूर अपने लिए लक्ष्य निर्धारित करती होंगी।"
भारत ने पिछली बार जब न्यूजीलैंड का दौरा किया था तब उस टीम में सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीरेंद्र सहवाग और वीवीएस लक्ष्मण के अलावा जहीर खान, गौतम गंभीर, हरभजन सिंह और युवराज सिंह जैसे दिग्गज क्रिकेटर भी साथ में थे।
लेकिन सचिन, द्रविड़ और लक्ष्मण क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं जबकि सहवाग, गंभीर, युवराज और हरभजन जैसे अनुभवी क्रिकेटर आउट ऑफ फॉर्म में होने के कारण टीम इंडिया से बाहर हैं।
ये सही है कि भारतीय टीम में कप्तान धोनी, जहीर खान और इशांत शर्मा को ही न्यूजीलैंड में खेलने का अनुभव है। लेकिन जिस तरह से युवा क्रिकेटर प्रदर्शन कर रहे हैं उससे लगता है कि मेजबान टीम को काफी पसीना बहाना पड़ेगा।