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तैयार हो रही है टीम इंडिया की नई 'फैब फोर'

Mon, 13 Jan 2014 03:26 PM IST
सत्येन्द्र पाल सिंह/अमर उजाला, दिल्ली
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सचिन तेंदुलकर भारतीय क्रिकेट के फैब-फोर की आखिरी कड़ी थे। उनके भी बल्ला टांगने से फैब फोर के सुनहरे सफर पर पूरी तरह विराम लग गया। वीरेंद्र सहवाग जैसा तूफानी ओपनर भी अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर है। वह भी क्रिकेट में बल्ला टांगने की राह पर बढ़ते लग रहे हैं।
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लाख टके का सवाल यह है कि फैब-फोर की जगह लेने के लिए भारत के युवा तुर्क कितने तैयार हैं? देश में तो भारतीय क्रिकेट की नए फैब फोर कहे जाने वाले चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे कसौटी पर खरे उतरे।

दक्षिण अफ्रीका की तेज पिचों पर पुजारा, विराट और रहाणे ने अपनी प्रतिभा से न्याय किया, लेकिन रोहित ने निराश किया। अब टीम इंडिया न्यूजीलैंड के दौरे पर है। भारत पहले वहां पांच वनडे और फिर दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगा।
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न्यूजीलैंड में जहां गेंद सीम और स्विंग होती है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इन युवा तुर्कों में खासतौर पर टेस्ट में विदेशी धरती पर भी भारत का डंका बजाने का माद्दा है?

सचिन, द्रविड़ और लक्ष्मण से तुलना ठीक नहीं

हमने भारत के बीते जमाने के चेतन चौहान, मदन लाल और मनिंदर सिंह सरीखे पूर्व धुरंधर टेस्ट क्रिकेटरों के साथ विराट कोहली के उस्ताद राजकुमार शर्मा से इसका जवाब जानने की कोशिश की। जवाब मिला, कुछ खट्टा, कुछ मीठा।

विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा के जज्बे और प्रतिभा के तो सभी पूर्व धुरंधर कायल दिखे। रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे को टेस्ट की कसौटी पर कसने से पहले सभी ने और परखने की ताकीद की। साथ ही फिलहाल युवा तुर्कों की सचिन, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण और सौरभ गांगुली से तुलना की कोशिश से बचने को कहा।

सचिन, राहुल, लक्ष्मण और सौरव गांगुली में हर किसी का टेस्ट करियर करीब डेढ़ से दो दशक का रहा है। ऐसे में इन सभी ने एक सुर में कहा कि पुराने धुरंधरों से टीम इंडिया के युवा तुर्कों से तुलना कतई मुनासिब नहीं होगा।

वीरेंद्र सहवाग के डांवांडोल करियर पर पूर्व दिग्‍गजों की राय जरूर बंटी नजर आई, लेकिन ज्यादातर ने यह जरूरी माना कि उनके लिए वापसी की राह बंद तो भले ही नहीं हो लेकिन मुश्किल जरूर हो गई है। शिखर धवन को भी थोड़ा और वक्त देने की वकालत सभी दिग्‍गजों ने की।

रोहित को और वक्त देना चाहूंगा : चौहान

महान सुनील गावसकर के सबसे कामयाब सलामी जोड़ीदार चेतन चौहान कहते हैं, "विराट कोहली और पुजारा ने घर ही नहीं बल्कि टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका में भी दमदार बैटिंग कर यह दर्शाया है कि वे सही दिशा में बढ़ रहे हैं। रोहित शर्मा ने मौका गंवाया है, लेकिन रहाणे ने तकनीकी रूप से खुद को काबिल बल्लेबाज साबित किया है।"

उन्होंने कहा, "मैं रोहित शर्मा को अभी भी और वक्त देना चाहूंगा। रहाणे को अभी और परखने का पक्षधर हूं। इन दोनों के साथ शिखर धवन को न्यूजीलैंड के खिलाफ उसकी धरती पर मिलने वाले मौके का लाभ खुद को टीम इंडिया में स्थापित करने पर लगाना चाहिए। सचिन, राहुल, लक्ष्मण और गांगुली के दमदार रिकॉर्ड उनकी कामयाबी की कहानी खुद बयां करते हैं।

ऐसे में युवा तुर्कों की पूर्व धुरंधरों से तुलना मुनासिब नहीं होगा। रही बात वीरू की तो वह आउट ऑफ फॉर्म हैं। ऐसा दौर हर किसी बड़े क्रिकेटर के करियर में आता है। मेरा अभी भी यही मानना है कि एक बड़ी पारी उनकी टीम इंडिया में वापसी करा सकती है।"

विराट-पुजारा ने खुद को साबित किया : मदन लाल

मदन लाल कहते हैं, "भारतीय क्रिकेट के लिए यह बड़े बदलाव का दौर है। ऐसे में पुजारा और कोहली ने टीम इंडिया में खुद को टेस्ट में नंबर तीन और चार पर स्थापित करने की ओर मजबूत कदम बढ़ाए हैं। इन दोनों की सचिन और द्रविड़ से तुलना करने से बचना चाहिए क्योंकि उनके शानदार रिकॉर्ड उनकी कामयाबी की कहानी खुद कहते हैं।"

उन्होंने कहा, "पुजारा का मिजाज पिच पर लंगर डाल कर खेल कर बॉलर को थका कर मनमाफिक रन बनाने का है। वह तकनीकी रूप से बहुत काबिल हैं। जबकि विराट की बल्लेबाजी में आक्रमण और रक्षण का आदर्श संतुलन है। रहाणे ने अपनी क्लास और टेम्परामेंट खूब दिखाया है। रोहित शर्मा ने टेस्ट में जरूर निराश किया है। उनकी प्रतिभा से इनकार नहीं है। उनके लिए न्यूजीलैंड टूर पर खुद को साबित करने का मौका रहेगा।"

शिखर धवन दक्षिण अफ्रीका में अपनी प्रतिष्ठा से न्याय नहीं कर पाए। मुझे शिखर की प्रतिभा में यकीन है। उन्हें अपनी कुछ खामियों को दूर कर शॉर्ट पिच गेंदों को न्यूजीलैंड टूर छोडऩा कर टिकने के बाद स्ट्रोक खेलने होंगे। रही बात वीरू (सहवाग) की वापसी की तो यह खुद उन पर ही निर्भर है। रणजी में जहां इस सीजन में ज्यादातर हर कामयाब बल्लेबाज आठ और नौ से अधिक रन बनाए हैं वहीं वीरू नाकाम रहे हैं। उन्हें बेहतरीन प्रदर्शन खुद ही टीम इंडिया में वापसी की राह तलाशनी होगी।"

विराट और पुजारा हैं भीड़ से अलग : मनिंदर

पूर्व टेस्ट लेफ्ट आर्म स्पिनर मनिंदर सिंह ने इंग्‍लैंड से फोन पर बताया, "विराट कोहली और पुजारा ने बल्ले से विदेश धरती पर प्रभावशाली प्रदर्शन कर यह दिखाया है कि वह भीड़ से अलग हैं। फिर भी समीक्षकों को अभी इन दोनों की सचिन और द्रविड़ से तुलना से बचना चाहिए।

उन्होंने कहा, "विराट और पुजारा के दक्षिण अफ्रीका के प्रदर्शन से यह आस बंधी है कि वे न्यूजीलैंड में कामयाब के सिलसिले को और आगे बढ़ाएंगे। दोनों ने खुद को विदेशी धरती पर अनजान पिच पर खुद को ढालने का शउर दिखाया है। रोहित को जरूर ज्यादा फोकस होकर खेलने की जरूरत है।"

मनिंदर ने कहा, "शिखर धवन के बारे में फिलहाल टेस्ट में केवल दक्षिण अफ्रीका में खेली गई सीरीज के बाद कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा। जहां तक सहवाग की बात है तो वह नि:संदेह भारत के महान सलामी बल्लेबाजों में से एक है। इसके बावजूद वीरू की फिलहाल टीम इंडिया में वापसी होती मुझे नहीं लगती।"
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वीरू में है वापसी का माद्दा : राज कुमार शर्मा

विराट कोहली के उस्ताद राज कुमार शर्मा अपने शागिर्द की कामयाबी पर गदगद जरूर हैं। राज कहते हैं, "विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा दोनों ने दक्षिण अफ्रीका की धरती पर भी अपने प्रदर्शन से साबित किया है कि वे विदेश की पिच पर रन बनाना खूब जानते हैं। दोनों ने टेस्ट क्रिकेट के मुताबिक खूब ढाला है।"

उनके अनुसार, पिच पर टिकना दोनों को आता है। दोनों बदलाव के दौर से गुजर रही भारतीय क्रिकेट को मजबूती से संभाले हैं। रहाणे ने खुद को तकनीकी रूप से काबिल बल्लेबाज के रूप में साबित किया। सचिन और द्रविड़ सरीखे फैब फोर के स्तंभों के रिकॉर्ड गवाह हैं वे इन युवा तुर्कों से मीलों आगे हैं। ऐसे में हमें इन युवा तुर्कों पर कोई दबाव डाले बिना बस अपनी क्रिकेट पर एकाग्र होने के लिए छोड़ देना चाहिए।

उन्होंने कहा, "रोहित शर्मा के टैलंट पर किसी को शक नहीं है लेकिन उन्हें अपने विकेट की कीमत समझनी होगी। शिखर को भी न्यूजीलैंड में यह समझना होगा कि कौन सी गेंद खेलनी है कौन सी छोडऩी। फिर भी मैं यही कहूंगा कि भारत के युवा तुर्क सही राह पर हैं।

रही बात सहवाग की उन्होंने अपनी विस्फोट बल्लेबाजी से सलामी बल्लेबाजी की परिभाषा ही बदल दी। उन्होंने नई गेंद की चमक पेसरों की बॉलिंग की बखिया उधेडऩे के साथ उतारने का नया व्याकरण लिखा। मेरा मानना है कि वह अभी भी एक बड़ी पारी खेल कर सभी को गलत साबित कर फिर टीम इंडिया में वापसी करेंगे।"
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