नैनीताल की बेटी लतिका भंडारी (19) ताइक्वांडो में भारतीय तिरंगा फहराने के लक्ष्य को लेकर एशियन गेम्स में प्रतिभाग कर रही हैं। लतिका की प्रतिभा को भले ही उत्तराखंड सरकार ने नहीं पहचाना, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने उसकी प्रतिभा को सुअवसर दिया है। आज वह मध्य प्रदेश से एशियन गेम्स में प्रतिभाग कर ताइक्वांडो के क्वार्टर फाइनल तक पहुंच गई है।
बता दें लतिका ने यहां एमएल साह बालिका इंटर कॉलेज से 10वीं की परीक्षा पास की। स्कूल से वर्ष 2008 में हुई नेशनल प्रतियोगिता में उसने स्वर्ण पदक प्राप्त किया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग मध्य प्रदेश ने उनकी प्रतिभा को पहचाना। वहां उसका चयन स्पोर्ट्स कॉलेज भोपाल के लिए हो गया। वर्तमान में वह वहां ग्रेजुएशन कर रही हैं।
ताइक्वांडो के क्वार्टर फाइनल में
लतिका ने एमपी की ओर से खेलते हुए राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अब तक तीन स्वर्ण पदक जीते हैं, जबकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में एक स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक प्राप्त किया।
एशियन गेम्स में लतिका ताइक्वांडो के 53 किग्रा भार वर्ग में क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई हैं। उनके परिजनों का कहना है कि वह ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि उनकी पुत्री स्वर्ण पदक प्राप्त कर एशियन गेम्स में तिरंगा फहराए। लतिका के पिता महेंद्र आर्मी में हैं जबकि माता नीमा गृहणी हैं। उनका भाई पीयूष पंजाब से एमटेक कर रहा है।
ये मिले पुरस्कार
लतिका राष्ट्रीय स्तर पर अब तक तीन स्वर्ण स्वर्ण जीत चुकी है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक हासिल कर चुकी है। 2010 की 28वीं नेशनल सीनियर ताइक्वांडो चैंपियनशिप (बंगलूरू), 2012 की 30वीं नेशनल सीनियर ताइक्वांडो (दिल्ली), 2013 में 32वीं नेशनल सीनियर (बंगलुरू) में स्वर्ण पदक हासिल किया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर की 5वीं कॉमनवेल्थ ताइक्वांडो चैंपियनशिप (चेन्नई) में स्वर्ण, 2010 में 11वें साउथ एशियन गेम्स (ढाका) में रजत और 2014 में 21वीं एशियन ताइक्वांडो (उज्बेकिस्तान) में कांस्य पदक जीता।