मुंबई मैराथन विजेता उत्तराखंड के नितेंद्र रावत के पिता हरीश रावत बेटे की उपलब्धि पर गौरवान्वित हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका लाल देश का नंबर वन एथलीट बनेगा, लेकिन अब पूरा भरोसा है कि वह रियो ओलंपिक में देश का नाम रोशन करेगा।
नितेंद्र रावत गरुड़ ब्लॉक के अणां गांव निवासी हैं। वह अपने मां-बाप के इकलौते पुत्र हैं। एथलीट नितेंद्र ने प्राथमिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर गरुड़, इंटर तक की शिक्षा आर्मी स्कूल रानीखेत से ली। उच्च शिक्षा कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल से ली। उनके पिता पेशे से ठेकेदार और मां रमा रावत गृहणी हैं।
एथलीट नितेंद्र के पिता ने बताया कि 2006 में आर्मी ज्वाइन करने के बाद नितेंद्र की रुचि दौड़ के तरफ बढ़ी। अणां गांव के पूर्व क्षेपं सदस्य आनंद बिष्ट ने बताया कि नितेंद्र छुट्टी में जब भी गांव आता है वह गांव के अधिकांश लोगों से मुलाकात करता है। गांव में दौड़ने के लिए मैदान नहीं होने के चलते वह सड़क पर दौड़ता है। उसके साथ गांव के बच्चे भी दौड़ते हैं।
मुंबई मैराथन जीतने के बाद नितेंद्र ने फोन पर बताया कि मुंबई मैराथन जीतने से उन्हें रियो ओलंपिक में बहुत मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, मंच न मिलने से राज्य की अधिकांश खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पाते हैं।