आईपीएल 6 में स्पॉट फिक्सिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपना नाम आने के बाद महेंद्र सिंह धोनी ने आखिर कप्तानी पद छोड़ने का मन बना लिया है। धोनी ने आईपीएल की फ्रेंचाइजी टीम चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी से इस्तीफा देने की पेशकश की है।
साथ ही उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) की मालिकाना कंपनी इंडिया सीमेंट में वाइस प्रेसिडेंट पद भी छोड़ने की इच्छा जताई है।
धोनी की अगुवाई में टीम इंडिया इस समय बांग्लादेश में ट्वंटी-20 वर्ल्ड कप में भाग ले रही है और उसने लगातार तीसरी जीत के साथ ही सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है।
झूठ बोलने का आरोप लगने पर दुखी हैं धोनी
स्पॉट फिक्सिंग विवाद में भारतीय कप्तान ने अपना नाम आने पर निराशा जाहिर की।
खबरों के मुताबिक कप्तान धोनी ने बांग्लादेश के खिलाफ मैच के बाद इंडिया सीमेंट के मालिक एन श्रीनिवासन से फोन पर बात की और कंपनी छोड़ने की पेशकश की।
उन्होंने श्रीनिवासन से अनुरोध किया कि उनका वाइस प्रेसिडेंट पद से इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाए। साथ ही चेन्न्ई सुपर किंग्स की कप्तानी से मुक्त कर दिया जाए।
अपनी गिरती छवि को लेकर परेशान हैं धोनी
स्पॉट फिक्सिंग मामले में धोनी उस समय सुर्खियों में आए जब गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के मुखिया आदित्य वर्मा के वकील हरीश साल्वे ने भारतीय कप्तान का नाम लिया था।
साल्वे ने सुनवाई के दौरान कहा था कि धोनी ने मुकुल मुदग्ल कमेटी के सामने चेन्नई सुपर किंग्स में गुरुनाथ मयप्पन की भूमिका के बारे में झूठ बोला था।
चेन्नई सुपर किंग्स आईपीएल की सबसे सफल टीम रही है। उसने दो बार यह खिताब जीता है और पांच बार फाइनल में पहुंची है। इसके अलावा दो बार टी-20 चैंपियंस लीग खिताब पर कब्जा जमाया है।
सूत्रों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में झूठ बोलने की बात सामने आने पर धोनी की छवि काफी गिरी है। यही कारण है कि उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी और इंडिया सीमेंट के पद वाइस प्रेसिडेंट पद छोड़ने का मन बना लिया है।