आईसीसी ट्वंटी-20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए अब तक का सफर बेहद शानदार रहा है और उसने लगातार तीन मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है।
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ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले का परिणाम कुछ भी हो लेकिन टीम इंडिया चाहेगी कि सेमीफाइनल से पहले उसका विजयी रथ न रूके। ग्रुप-दो में शामिल भारत का टूर्नामेंट में यह अंतिम लीग मैच है।
हालांकि कंगारू टीम के लिए यह मैच 'करो या मरो' वाला है अगर वह यह मैच हार जाता है तो उसकी टूर्नामेंट में चुनौती खत्म हो जाएगी। इस मैच के बाद भी ऑस्ट्रेलिया का एक मैच बचा रहेगा।
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हारे तो हो जाएंगे बाहर
भारत ने अपने आखिरी मैच में मेजबान बांग्लादेश को आठ विकेट से पराजित कर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। ग्रुप-दो में शामिल भारत ने तीन मैच जीतकर इस समय सर्वाधिक छह अंकों के साथ नंबर वन की पोजिशन पर है।
जबकि विपक्षी टीम ऑस्ट्रेलिया की स्थिति पिछले मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ छह विकेट से हारने के बाद और खराब हो गई है। कंगारू अपने दोनों मैच हार चुके हैं और अभी उसका खाता भी नहीं खुला है।
सेमीफाइनल की होड़ से लगभग बाहर हो चुकी ऑस्ट्रेलियाई टीम को भारत के खिलाफ एक और हार टूर्नामेंट से पूरी तरह बाहर कर देगी।
फिरकी गेंदबाजों से है बड़ी आस
टूर्नामेंट से पहले मिल रही हार से त्रस्त टीम इंडिया के लिए टी-20 वर्ल्ड कप बेहद लकी साबित हो रहा है। भारत की इस जीत में गेंदबाजों का अहम योगदान रहा है।
गेंदबाजी में स्पिन ऐसा विभाग है जिसने भारत के लिए बेहद शानदार खेल दिखाया है। अमित मिश्रा और आर अश्विन की गेंदबाजी ने पिछले तीनों मैचों में कमाल किया है।
फिरकी गेंदबाजों की गेंदबाजी ही थी जिसने विपक्षी टीम को बड़ा स्कोर खड़ा करने का मौका ही नहीं दिया और भारत ने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा आसानी से हासिल कर लिया। भारत चाहेगा कि टूर्नामेंट में उसके अंतिम लीग मैच में भी स्पिन गेंदबाजी कमाल दिखाए।
नए लोगों को मिल सकता है मौका
टीम इंडिया के लिए इस मैच का कोई खास महत्व नहीं है। टीम में शामिल कई क्रिकैटर ऐसे हैं जिन्हें अपना खेल दिखाने का मौका नहीं मिला है। ऐसे में कप्तान धोनी टीम में कुछ बदलाव कर सकते हैं।
युवराज सिंह ऑउट ऑफ फॉर्म हैं और शिखर धवन भी पिछले दो मैचों में बुरी तरह से नाकाम रहे हैं। कप्तान धोनी इस 'डेड रबर' मैच में कुछ नए चेहरे उतार सकते हैं।
बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे, आलराउंडर स्टुअर्ट बिन्नी और तेज गेंदबाज वरुण आरोन को टी-20 वर्ल्ड कप में मौका नहीं मिला है।
ऑस्ट्रेलिया लगातार हार के साथ भले ही दबाव में हो लेकिन उसने भारत के खिलाफ कई मौकों पर बेहतर प्रदर्शन किया है इसलिए कंगारू चाहेंगे कि वो सारे हथियार इस मैच में कारगर साबित हों जो अब तक नहीं चल सके थे।
टीम के पास ऐरोन फिंच, आलराउंडर शेन वॉटसन, डेविड वॉर्नर, ग्लेन मैक्सवेल और कप्तान जॉर्ज बैली के रूप में बेहतरीन बल्लेबाजों की फौज है। जबकि मिशेल स्टार्क, डग बोलिंजर, जेम्स फॉकनर और जेम्स मुइरहेड के रूप में अच्छे गेंदबाज हैं जो इस अहम मैच में जीत के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा देंगे।
हालांकि कंगारू टीम को व्यापक सुधार के साथ भारत जैसी मजबूत टीम के सामने उतरना होगा।