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हैप्पी बर्थ-डे: जारी है शूमाकर की जिंदगी से जंग

Fri, 03 Jan 2014 04:47 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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ग्रेनोबल (फ्रांस) में स्कीइंग के दौरान दुर्घटना का शिकार हुए पूर्व फॉर्मूला वन चैंपियन माइकल शूमाकर जहां जिंदगी के लिए मौत से संघर्ष कर रहे हैं, वहीं उनके प्रशंसकों ने भी उम्मीद का दामन मजबूती से थाम रखा है।
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प्रशंसक अपने हीरो की सलामती की कामना करते हुए अस्पताल के बाहर जमा हैं। शुक्रवार को 45 साल के हो रहे शूमाकर अभी भी कोमा में हैं और उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि अगले चार दिन माइकल की हालत के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे।

सात बार के विश्व चैंपियन रह चुके माइकल के साथ उनकी पत्नी कोरिना, बेटी मारिया और पुत्र मिक हैं। दुनिया के सबसे मशहूर फॉर्मूला वन चालक रविवार को फ्रेंच एल्प्स रिजॉर्ट में स्कीइंग करते समय दुर्घटना का शिकार होने के बाद कोमा में चले गए थे।
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तीन जनवरी, 1969 को पैदा हुए शूमाकर की हालत नाजुक बनी हुई है और पूरे विश्व में प्रशंसक उनके जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
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अगले चार दिन बेहद नाजुक

शूमाकर गत रविवार को स्कीइंग के दौरान चट्टान से टकरा गए थे, जिसके बाद उनके हेलमेट के दो टुकड़े हो गए थे। अस्पताल के आईसीयू विभाग के प्रमुख जीन फ्रांसकोइस पेयेन के अनुसार हम शूमाकर के भविष्य को लेकर कोई अटकलें नहीं लगाना चाहते। हम नहीं कह सकते कि वे अभी खतरे से बाहर हैं। हमें कम से कम अगले चार दिनों तक उनकी हालत पर पैनी नजर रखनी होगी।

ग्रनोबल यूनिवर्सिटी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। गहन चिकित्सा इकाई के प्रोफेसर ज्यां फ्रेंको पायेन ने कहा, "उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। उन पर लगातार नजर रखी जा रही है।"

शूमाकर की पत्नी कोरिना, बेटी गीना मारिया और बेटा मिक सदमे की स्थिति में हैं।

फॉर्मूला वन के सबसे कामयाब चालकों में एक

फॉर्मूला वन इतिहास के सबसे कामयाब ड्राइवरों में से एक माइकल शूमाकर जर्मनी के चालक‌ हैं जो फिलहाल स्विट्जरलैंड में अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते हैं।

शूमाकर ने 1991 में बेल्जियन ग्रां प्री के साथ अपने फॉर्मूला वन करियर का आगाज किया था। शूमाकर 1994, 1995 और 2000 से 2004 तक कुल सात बार विश्व चैंपियन रहे। उन्होंने अंतिम बार 2006 में चीन ग्रां प्री रेस जीता था।

2007 में फरारी के साथ रहते हुए शूमाकर ने फॉर्मूला वन रेस से संन्यास ले लिया। लेकिन उन्होंने 2010 में मर्सिडीज के साथ एक बार फिर ट्रैक पर लौटने की घोषणा कर दी। इसके बाद उन्होंने 2012 में फॉर्मूला वन को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।

इंडियन ग्रां प्री में भी लिया था हिस्सा

माइकल शूमाकर ने 2011 में हुई पहली इंडियन ग्रां प्री में मर्सिडीज के साथ हिस्सा लिया और वह सातवें स्थान पर रहे।

2012 इंडियन ग्रां प्री में उन्हें तकनीकी कारणों से रेस के बीच में से ही हटना पड़ा था।

सचिन को तोहफे में दी फरारी कार

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर और माइकल शूमाकर काफी अच्छे दोस्त रहे हैं। दोनों पहली बार 2002 में मिले थे। 2002 में तेंदुलकर के सर डॉन ब्रेडमैन के सर्वाधिक शतकों का रिकॉर्ड तोड़ने के बाद शूमाकर ने सचिन को फरारी कार तोहफे में दी थी।

आखिरी बार खेल जगत के दोनों दिग्गजों की मुलाकात 2011 इंडियन ग्रां प्री के दौरान हुई थी। शूमाकर ने संन्यास के तीन साल बाद गत वर्ष वापसी की थी और साल के अंत में एक बार फिर फॉर्मूला वन को अलविदा कह दिया था।
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शूमाकर के फॉर्मूला वन रेस में रिकॉर्ड

07 बार : विश्व चैंपियन रह चुके हैं।
13 बार : 2004 में सबसे ज्यादा रेस जीतने का वर्ल्ड रिकॉर्ड।
05 बार : 2004 सत्र में लगातार रेस जीतने का कारनामा।
91 रेस :  शूमाकर ने अपने करियर में जीते रेस।
303 :  करियर में रेस में हिस्सा लिया।
155 रेस : पोडियम फिनिश करने में सफल रहे।
2002 में : सीजन की सभी रेस में शीर्ष तीन में जगह बनाने वाले पहले चालक।
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