कुमार संगकारा ने अकेले अपने दम पर श्रीलंका को एशिया कप में लगातार दूसरी जीत दिला दी है। मध्य क्रम की नाकामी के बावजूद संगकारा ने अपना एक छोर संभाले रखा और 49वें ओवर में आउट होने से पहले अपनी टीम को जीत के करीब पहुंचा गए थे। (लाइव स्कोरकार्ड के लिए क्लिक करें)
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फातुल्लाह में खेले गए चौथे मुकाबले में 265 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका ने 49.2 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 265 रन बनाकर मैच दो विकेट से जीत लिया। श्रीलंका की ओर से कुमार संगकारा ने शानदार शतक लगाया और 103 रन (84 गेंद, 12 चौका और 1 छक्का) बनाकर टीम को जीत दिला दी। भारत की ओर से मोहम्मद शमी और रवींद्र जडेजा के तीन-तीन विकेट के अलावा आर अश्विन ने दो सफलता हासिल की।
इससे पहले भारत ने 50 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 264 रन बनाए। शिखर धवन ने भारत की ओर से सर्वाधिक 94 रन बनाए। जबकि श्रीलंका के करिश्माई फिरकी गेंदबाज अजंता मेंडिस एक बार फिर भारत के लिए अबूझ पहेली साबित हुए और 60 रन देकर चार विकेट झटक लिए।
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अच्छी शुरुआत के बाद लड़खड़ाई श्रीलंकाई पारी
कुशल परेरा (64) और लहिरू थिरिमने (38) के बीच पहले विकेट के लिए हुई 80 रनों की साझेदारी के बाद श्रीलंका अच्छी स्थिति में दिख रही थी, लेकिन आर अश्विन ने थिरिमने को पगबाधा कर भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद दूसरे विकेट के लिए भी श्रीलंका को अच्छी साझेदारी मिली। परेरा ने पूर्व कप्तान कुमार संगकारा के साथ दूसरे विकेट के लिए 54 रनों की साझेदारी कर भारत को मैच से लगभग दूर कर दिया था।
लेकिन अश्विन ने परेरा को भी वापस भेज दिया। इसके बाद रवींद्र जडेजा ने 32वें ओवर की पहली दो गेंदों पर महेला जयवर्धने (9) और दिनेश चंडीमल (0) के विकेट झटककर भारत की मैच में वापसी करा दी। 14 रन पर तीन विकेट झटकने से भारतीय गेंदबाज उत्साह में आ गए और विपक्षी बल्लेबाजों पर खासा दबाव बना दिया।
दबाव के बीच तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने कप्तान एंजेलो मैथ्यूज को छह रन के निजी स्कोर पर पगबाधा कराने के बाद सचित्रा सेनानायके (12) को कैच आउट करा दिया। श्रीलंका 183 रन पर छह विकेट खोकर संघर्ष कर रहा था।
संगकारा ने टीम इंडिया का काम बिगाड़ा
श्रीलंका के लिए अच्छी बात यह थी कि क्रीज पर उसके पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज कुमार संगकारा जमे हुए थे और करियर का 18वां शतक भी लगा दिया।
रवींद्र जडेजा ने भारत की उम्मीद को जगाते हुए 44वें ओवर में चतुरंगना डी सिल्वा (9) को पगबाधा कर श्रीलंकाई टीम का सातवां विकेट गिरा दिया। जडेजा की इस तीसरी सफलता पर संगकारा ने पारी फेर दिया और शतक लगा दिया। मोहम्मद शमी ने 49वें ओवर में संगकारा को आउट किया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
उन्होंने थिसारा परेरा (नाबाद 11) के साथ आठवें विकेट के लिए उपयोगी 42 रनों की साझेदारी कर मैच में अपनी टीम की वापसी करा दी।
कोहली पचासा से चूके और शिखर धवन शतक से
पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने के बाद ओपनर रोहित शर्मा (13) और शिखर धवन ने पारी की शुरुआत की लेकिन 10वें ओवर में रोहित सस्ते में आउट हो गए। इसके बाद शिखर धवन ने कप्तान विराट कोहली के साथ दूसरे विकेट के लिए 97 रनों की साझेदारी कर टीम को संकट से बाहर निकाला।
दोनों ने आराम से खेलते हुए पारी को आगे बढ़ाया। लेकिन 51 गेंदों में 48 रन बनाने के बाद वह अजंता मेंडिस की कैरम बॉल पर बोल्ड हो गए। पिछली पारी में शतक ठोकने वाले कोहली ने आज भी अच्छी बल्लेबाजी की और अपनी पारी में चार चौका और एक छक्का जमाया। कोहली के बाद अजिंक्य रहाणे (22) कैच आउट हो गए।
इसके बाद शतक की ओर बढ़ रहे धवन भी अपने शतक से चूक गए। मेंडिस ने धवन को भी बोल्ड कर उन्हें शतक से छह रन से पहले रोक दिया। धवन ने अपनी पारी में 114 गेंदों में सात चौका और एक छक्का लगाया।
क्या आपको याद है कोहली की वो गजब की पारी!
आज से ठीक दो साल पहले टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया में त्रिकोणीय वनडे सीरीज में श्रीलंका के ही खिलाफ मैदान पर उतरी थी और उस मैच में भारत को 80 गेंद शेष रहते सात विकेट से जीत हासिल भी हुई थी।
इस जीत में विराट कोहली ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए शतकीय पारी खेली थी। होबार्ट में 28 फरवरी, 2012 को भारत के खिलाफ मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में चार विकेट पर 320 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। श्रीलंका के इस विशाल स्कोर में दिलशान तिलकरत्ने (नाबाद 160) और कुमार संगकारा (105) की जबर्दस्त बल्लेबाजी का अहम योगदान रहा था। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 200 रनों की साझेदारी हुई थी।
जवाब में टीम इंडिया की शुरुआत तो अच्छी रही लेकिन दोनों ओपनर वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर के आउट होने के बाद विराट कोहली ने लसिथ मलिंगा की जमकर धुनाई करते हुए महज 76 गेंदो में शतक ठोक दिया था। कोहली की यह पारी वनडे क्रिकेट की बेमिसाल पारियों में से एक मानी गई। वह 133 गेंदों में 133 रन (16 चौका और 2 छक्का) बनाकर नाबाद रहे। मलिंगा के लिए यह बेहद खराब दिन साबित हुआ और उन्होंने 7.4 ओवर में 96 रन लुटा दिए। भारत ने 37 ओवर के अंदर ही 321 रनों का लक्ष्य हासिल कर लिया।
मेंडिस के 'चौके' ने बिगाड़ा टीम इंडिया का काम
ओपनर शिखर धवन (94) और विराट कोहली (48) के बीच हुई 97 रनों की साझेदारी के दम पर भारत एक समय संभल गया था और टीम तीन सौ के स्कोर के पार पहुंचती दिख रही थी, लेकिन अचानक मध्य क्रम लड़खड़ा गया।
भारत का स्कोर तीन विकेट पर 196 रन था लेकिन 40वें ओवर में अजंता मेंडिस ने चार गेंद के अंदर धवन और दिनेश कार्तिक (4) को आउट कर मध्य क्रम को झकझोर कर रख दिया। मेंडिस ने धवन को बोल्ड करने से पहले विराट कोहली को कैरम बॉल पर बोल्ड किया था। मेंडिस ने 60 रन देकर चार विकेट झटके।
मेंडिस के अलावा सचित्रा सेनानायके ने भी बढ़िया गेंदबाजी की और तीन विकेट झटके। सेनानायके ने रोहित शर्मा (13), अजिंक्य रहाणे (22) और स्टुअर्ट बिन्नी (0) को पवेलियन की राह दिखाई। जबकि एक सफलता लसित मलिंगा को मिली उन्होंने आर अश्विन (18) को बोल्ड किया। मलिंगा ने 10 ओवर में 50 रन देकर एक विकेट हासिल किया। रवींद्र जडेजा 22 रन और मोहम्मद शमी 14 रन बनाकर नाबाद रहे। शमी ने 49वें ओवर में मेंडिस पर दो करारे छक्के जमाए।
वर्ल्ड चैंपियन टीम इंडिया इस टूर्नामेंट को पांच बार जीत चुका है और इस मैच के लिए अपनी टीम ने एक बदलाव किया है। विराट कोहली ने तेज गेंदबाज वरुण आरोन की जगह आलराउंडर स्टुअर्ट बिन्नी को शामिल किया। वरुण पहले मैच में बेहद नाकाम रहे और बांग्लादेश के खिलाफ 7.5 ओवर में 74 रन लुटा दिए थे। साथ ही दो बीमर फेंकने के कारण अंपायर ने उन्हें मैच में गेंदबाजी करने से रोक दिया था।
दूसरी ओर, श्रीलंका के कप्तान एंजेलो मैथ्यूज ने भी अपनी टीम में बदलाव किया है और तीन फिरकी गेंदबाजों को शामिल किया है। सुरंगा लकमल की जगह अजंता मेंडिस को रखा गया है। एशिया कप के शुरुआती मैच बेहद दिलचस्प रहे हैं और इस मैच से पहले खेले गए तीन मैच से कुल चार शतक लगे हैं।
भारत ने अपना पहला मैच बांग्लादेश के खिलाफ जीत हासिल की थी। इस मैच में
कोहली ने शतकीय पारी खेली थी। दूसरी ओर, श्रीलंका ने भी अपने पहले पहले मैच
में पाकिस्तान को हराया था।