एक ओर टीम इंडिया के सीनियर गेंदबाज न्यूजीलैंड में एक बार फिर बेदम साबित हुए तो दूसरी ओर जूनियर गेंदबाजों ने ऐसा कमाल किया कि वह इतिहास ही बन गया।
न्यूजीलैंड में वेलिंग्टन टेस्ट के पहले दिन कमाल की गेंदबाजी करने के बाद टीम इंडिया के शीर्ष गेंदबाज मेजबान टीम के बल्लेबाजों के आगे संघर्ष कर रहे हैं और मैच के चौथे दिन तो वे एक ही सफलता हासलि कर सके।
वहीं न्यूजीलैंड से हजारों मील दूर दुबई में अंडर-19 वर्ल्ड कप के एक मैच में सोमवार को भारत की युवा टीम ने स्कॉटलैंड को पांच विकेट से हरा दिया है। इससे पहले शनिवार को टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में वर्ल्ड चैंपियन जूनियर टीम इंडिया ने पाकिस्तान को 40 रन से हराया था। भारत की लगातार दूसरी जीत में एक ऐतिहासिक हैट्रिक और सरफराज खान की नायाब बल्लेबाजी का अहम योगदान रहा।
हैट्रिक ने बिगाड़ दिया विपक्षी टीम का काम
भारत के खिलाफ मुकाबले में स्कॉटलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया, लेकिन उनका यह निर्णय गलत साबित हुआ। पूरी टीम 30 ओवर भी नहीं खेल सकी और महज 88 रनों पर आउट हो गई।
स्कॉटलैंड के इस खराब प्रदर्शन में भारतीय फिरकी गेंदबाज कुलदीप यादव की हैट्रिक ने भी कमाल कर दिया। कुलदीप ने 19वें ओवर की पांचवीं और छठीं गेंद पर दो बल्लेबाजों पवेलियन की राह दिखाई।
इसके बाद अपने अगले ओवर की पहली ही गेंद पर एक और बल्लेबाज का विकेट चटकाकर हैट्रिक पूरी कर ली। वह अंडर-19 वर्ल्ड कप में हैट्रिक लगाने वाले भारत के पहले गेंदबाज बन गए हैं। कुलदीप की हैट्रिक की खास बात यह भी है कि उन्होंने पहला विकेट कैच आउट कराया, इसके बाद दूसरा विकेट एलबीडब्ल्यू के रूप में झटका। जबकि तीसरा विकेट उन्होंने बल्लेबाज को बोल्ड कर हासिल किया।
कुलदीप की हैट्रिक का कहर स्कॉटलैंड पर ऐसा छाया कि पूरी टीम संभल ही नहीं सकी और 29.4 ओवर में 88 रन बनाकर आउट हो गई। कुलदीप के अलावा आमिर गनी ने चार-चार विकेट झटके और दोनों ने ही 28-28 रन दिए।
नौ बल्लेबाज नहीं छू सके दहाई का आंकड़ा
भारतीय गेंदबाजों का कहर ऐसा था कि विपक्षी टीम के नौ बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। इन नौ बल्लेबाजों में तीन बल्लेबाज खाता खोल पाने में नाकाम रहे।
इस यूरोपीय टीम के लिए ओपनर एंड्रयू उमीड ने सर्वाधिक 44 रनों का योगदान दिया।
कुलदीप यादव और आमिर गनी ही इतनी शानदार गेंदबाजी कर रहे थे कि कप्तान विजय जोल को पांचवां गेंदबाज इस्तेमाल करने की जरूरत ही नहीं समझी।
लड़खड़ाई भारतीय पारी, 22 पर 5 गए
हालांकि आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को बहुत ही खराब शुरुआत मिली और उसने महज 22 रन पर अपने पांच विकेट गंवा दिए।
भारत को पहला झटका पहले ही ओवर की अंतिम गेंद पर लगा जब अखिल हरवाडकर (0) खाता खोले बगैर ही आउट हो गए। उस समय टीम के खाते में महज एक रन ही जुड़ा था। इसके बाद कप्तान विजय जोल (4) भी आउट हो गए। जोल लगातार दूसरे मैच में भी असफल रहे।
ओपनर अंकित बैंस (6) भी अपनी टीम को मंझधार में छोड़ गए। इस समय टीम का स्कोर 19 रन ही था। बेहतरीन बल्लेबाज संजू सैमसन (7) और रिकी बुई (0) भी सस्ते में आउट हो गए। छायांक गोसेन ने तीन में से पांच विकेट झटककर भारतीय खेमे में हलचल मचा दी थी।
सरफराज बने टीम की जीत के नायक
वर्ल्ड चैंपियन भारत ने महज 22 रनों पर अपने पांच विकेट गंवा दिए थे और ऐसा लग रहा था कि टीम के शेष पांच विकेट भी कोई कमाल नहीं दिखा पाएंगे।
लेकिन पिछले मैच में 74 रन बनाने वाले सरफराज खान (45) ने दीपक हुड्डा (24) के साथ छठे विकेट के लिए 70 रनों की साझेदारी कर भारतीय टीम को टूर्नामेंट में लगातार दूसरी जीत दिला दी। भारत ने 22.3 ओवर में पांच विकेट शेष रहते 92 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
दीपक हुड्डा ने पिछले मैच में पाक के खिलाफ करिश्माई गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट झटके थे। सरफराज ने 23वें ओवर में मार्क वॉट की लगातार तीन गेंदों पर चौका, छक्का और चौका लगाकर टीम की जीत पर मुहर लगा दी। मैच में हैट्रिक लगाने वाले कुलदीप यादव को मैन ऑफ द मैच चुना गया।