लंबे समय से खराब फॉर्म में चल रहे विराट और सुरेश रैना के जोरदार
अर्द्धशतकों से टीम इंडिया ने दूसरे वनडे में वेस्टइंडीज को 49 रन से हराकर
पांच मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर दी।
भारत ने पहले खेलते हुए 7 विकेट
खोकर 263 रन बनाए, जिसके जवाब में वेस्टइंडीज की टीम 46.3 ओवर में 208 रन
पर सिमट गई। उसके लिए ओपनर ड्वेन स्मिथ ने 97 गेंदों पर सर्वाधिक 97 रन की
पारी खेली। मगर अच्छी शुरुआत के बाद टीम ने अचानक लय खो दी और एक समय जीती
नजर आ रही बाजी गंवा दी। स्मिथ के अलावा पोलर्ड ने 40 रन का योगदान दिया।
भारत के लिए मैन ऑफ द मैच मोहम्मद शमी ने सर्वाधिक चार जबकि रविंद्र जडेजा
ने तीन विकेट लिए।
वैसे इस जीत के मायने क्या थे यह बात कप्तान धोनी के
चेहरे पर आए उतरे हावभाव से आसानी से समझी जा सकती थी। आमतौर पर हार और जीत
को समान भाव से लेने वाले धोनी ने बच्चों की तरह उछलते हुए इस जीत का
स्वागत किया। कोच्चि में हुआ पहला मुकाबला विंडीज ने 124 रन से जीता था।
भारतीय
टीम के लिए इस मुकाबले में सबसे अच्छी बात स्टार बल्लेबाज विराट कोहली का
फॉर्म में लौटना रहा। पिछले काफी समय से खराब दौर से गुजर रहे कोहली ने
चौथे नंबर पर खेलते हुए अपने घरेलू मैदान पर खेलते हुए प्रशंसकों को निराश
नहीं किया और 78 गेंदों में पांच चौकों के साथ 62 रन की पारी खेली।
उनकी यह
पारी उस समय आई जब भारतीय टीम 74 रन पर तीन विकेट खोकर मुश्किल हालातों का
सामना कर नहीं रही थी। उस समय कोहली ने सुरेश रैना के साथ चौथे विकेट के
लिए 105 रन की साझेदारी कर टीम को संभाला। विराट की पारी का अंत तेज
गेंदबाज रवि रामपॉल ने किया। वहीं रैना ने भी 60 गेंदों में पांच चौकों और
दो छक्कों के साथ 62 रन की तेज पारी खेली।
अंत में कप्तान महेंद्र सिंह
धोनी ने 40 गेंदों में पांच चौकों और एक छक्के के साथ नाबाद 51 रन की पारी
खेलकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। धवन ने 1, रहाणे ने 12 और रायडु
ने 32 रन बनाए। इस मैच में चोटिल तेज गेंदबाज मोहित शर्मा के स्थान पर
अंतिम एकादश में तेज गेंदबाज उमेश यादव को शामिल किया गया। वेस्टइंडीज की
ओर से तेज गेंदबाज जेरोम टेलर ने सर्वाधिक तीन विकेट चटकाए।