फिटनेस, स्पीड और बाजुओं की ताकत के बलबूते वॉलीबाल में विजेता बना जा सकता है। ट्राइसिटी में ऐसे कई खिलाड़ी हैं, जिन्होंने इस खेल के बलबूते देश ही नहीं विदेश में अपनी पहचान बनाई है। अगर आप युवा हैं तो इस खेल को कैरियर के रूप में चुन सकते हैं।
शहर में बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर
सिटी ब्यूटीफल में वॉलीबाल केलिए बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर है। इनमें सेक्टर 7, 42,46 स्थित स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में वॉलीबाल केकोर्ट हैं। इसके साथ ही कई स्कूलों में वॉलीबाल कोर्ट बने हुए हैं। जहां पर रोजाना युवा घंटों पसीना बहाते हुए देखे जा सकते हैं।
दो तरह के कोर्ट
वॉलीबाल में सिडर और रेतीले दो तरह के कोर्ट शहर में हैं। यह कोर्ट 18 गुणा 9 केहोते है।
शहर के खिलाड़ी
कई खिलाड़ियों ने नेशनल और इंटरनेशनल लेवल तक पहुंचे हैं। इनमें गुरिंदर सिंह, लव कुमार लड़कियों में पूनम और बलविंदर कौर शामिल हैं।
खेल के यह हैं नियम
हर टीम में 12 खिलाड़ी होते है। मैच के दौरान दोनों ओर से 6-6 खिलाड़ी ही खेलते है। मैच बेस्ट ऑफ 5 राउंड होते हैं। अधिक राउंड जीतने वाली टीम विजेता बनती है।
यह है फीस
स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में इस खेल में नॉन स्टूडेंट को सलभर के 400 रुपये स्टूडेंट के लिए 200 रुपये देने होते हैं।
खिलाड़ियों के लिए टिप्स
वॉलीबाल कोच डॉ. सुरेश केअनुसार इस खेल में लंबाई के साथ बाजुओं में पावर होनी चाहिए। इसकेबदौलत खिलाड़ी आगे बढ़ता है।