2012 की चैंपियन कोलकाता नाइटराइडर्स के लिए आईपीएल-7 का सफर अभी तक उतार-चढ़ाव वाला रहा है। अभी तक कोलकाता ने चार मैच खेले हैं और दो में जीत हासिल की है।
अबुधाबी में कोलकाता का सामना अब मंगलवार को राजस्थान रॉयल्स से होगा जिसके खाते में भी चार मैचों में दो जीत दर्ज हैं।
फिलहाल राजस्थान और कोलकाता में अंकों के लिहाज से कोई अंतर नहीं है लेकिन बेहतर रन रेट से राजस्थान दो मैच जीतकर तीसरे स्थान और कोलकाता इतने ही मैच जीतकर चौथे नंबर पर है।
पिछले मैच में बिखर गई थी कोलकाता की टीम
राजस्थान रॉयल्स ने अपना आखिरी मैच रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर के खिलाफ छह विकेट से जीता था जबकि केकेआर पिछला मैच किंग्स इलेवन पंजाब से 23 रन से हार गई थी।
ऐसे में इस मैच में केकेआर पर काफी दबाव होगा। केकेआर ने पिछले मैच में पंजाब के खिलाफ बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में ही निराशाजनक प्रदर्शन किया था और लय में वापिस लौटने के लिए उसे हर हाल में जीत की जरूरत है।
टीम का इस हार से मनोबल काफी गिरा है और यदि वह राजस्थान के खिलाफ वापसी करने में फिर से विफल होती है तो आगामी मैचों में उसके खिलाड़ियों पर इससे दबाव बढ़ेगा।
4 मैच में सिर्फ 1 रन ही बना सके हैं गंभीर
कोलकाता नाइटराइडर्स की सबसे बड़ी समस्या कप्तान गौतम गंभीर और यूसुफ पठान का खराब फॉर्म में हैं।
बाएं हाथ के बल्लेबाज गंभीर ने तो पिछले चार मैचों में सिर्फ एक रन बनाया है जबकि पठान का बल्ला भी खामोश रहा है।
गंभीर तो टूर्नामेंट में अपने शुरुआती 3 मैचों में खाता भी नहीं खोल सके थे और शून्य पर आउट होने की हैट्रिक भी लगाई थी। साथ ही आईपीएल में शून्य पर आउट हो गए थे।
बल्लेबाजी और गेंदबाजी में शानदार रहे हैं रॉयल्स
हालांकि राजस्थान रॉयल्स की स्थिति फिलहाल केकेआर से इसलिए बेहतर कही जा सकती है कि उसने अपना पिछला मैच बंगलोर जैसी मजबूत टीम से जीता है और वह मानसिक रूप से भी बेहतर स्थिति में है।
टीम के पास बेहतरीन गेंदबाजों के साथ अच्छे बल्लेबाज हैं और क्षेत्ररक्षण में भी वह संतोषजनक स्थिति में हैं।
केकेआर जहां बल्लेबाजी में फिसड्डी है तो राजस्थान के पास अजिंक्य रहाणे, संजू सैमसन, अभिषेक नायर, कप्तान शेन वॉटसन, स्टुअर्ट बिन्नी और आलराउंडर स्टीवन स्मिथ और ब्रैड हॉज जैसे शानदार खिलाड़ी हैं जिन्होंने लगभग सभी मैचों में संतोषजनक प्रदर्शन किया है।