अगर मौजूदा लोकसभा चुनावों में कोई एक शख्स है, जिसके इर्द-गिर्द पूरा माहौल घूम रहा है, तो वो गुजरात के मुख्यमंत्री और भाजपा पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी हैं।
समर्थक देश में उनकी लहर की कसमें खा रहे हैं और विरोधी तरह-तरह से उन पर तीखे बयानों से हमला कर रहे हैं। कोई उन्हें झूठा बता रहा है, तो कोई कौमी दंगों को लेकर उन्हें कोस रहा है।
मोदी पर हमले बोलने के बीच उनके एक राजनीतिक विरोधी इतनी आगे निकल गए कि देश की अखंडता और संप्रभुता तक को ताक पर रख दिया। मोदी के दामन पर पड़े गुजरात दंगों के दाग दिखाने के चक्कर में वो सब कुछ भुला बैठे।
पहले कहा, मोदी के वोटर समंदर में
कश्मीर में सत्तारूढ़ दल नेशनल कॉन्फ्रेंस के चुनावी प्रचार के बीच दो धमाके हुए। केंद्रीय मंत्री और एनसी उम्मीदवार फारुक अब्दुल्ला बडगाम में रैली को संबोधित कर रहे थे।
पहला श्रीनगर के खनयार इलाके में हुआ और यह रैली के स्थल से थोड़ा ही दूर था, जहां अब्दुल्ला कुछ देर में रैली को संबोधित करने वाले थे। दूसरा बडगाम जिले में हुआ। इस बार भी एनसी को रैली को निशाना बनाया गया।
लेकिन इन विस्फोट के बाद असल धमाका अब्दुल्ला ने किया। उन्होंने कहा, "मोदी को वोट देने वालों को समंदर में फेंक देना चाहिए।" इस बयान के चक्कर में अब्दुल्ला का वो विवादित बयान छिप गया, जिस पर ज्यादा हल्ला होना चाहिए था।
फिर कहा, कश्मीर भारत से अलग हो जाएगा
खनयार में फारुक अब्दुल्ला ने कहा, "इन धमाकों से मैं डिगने वाला नहीं हूं और न ही इनसे आप पर फर्क पड़ना चाहिए...खुदा से दुआ कीजिए कि हम सांप्रदायिक ताकतों से बचकर आगे बढ़ सकतें।"
उन्होंने कहा, "भारत कभी सांप्रदायिक नहीं बन सकता। अगर यह कम्युनल बनाता है, तो कश्मीर भारत के साथ नहीं रहेगा। कश्मीरियों को सांप्रदायिकता मंजूर नहीं हैं।"
इस पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत को धर्मनिरपेक्ष बनने के लिए अब्दुल्ला के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। रविशंकर प्रसाद ने कहा, "न तो देश और न जम्मू कश्मीर को सेकुलर बनने के लिए अब्दुल्ला के सर्टिफिकेट की जरूरत है। असल चिंता वो भ्रष्ट सरकार है, जो अब्दुल्ला और उनके बेटे जम्मू कश्मीर में चला रहे हैं।"
पहले भी दिए हैं विवादित बयान
चुनाव आयोग की सख्ती के बावजूद नेता तीखी बयानबाजी से परहेज करते नहीं दिख रहे हैं। रविवार को केंद्रीय मंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने फिर एक विवादित बयान दे डाला। श्रीनगर-बडगाम संसदीय सीट के लिए आयोजित एक जनसभा में उन्होंने कहा कि मोदी को वोट देने वालों को समंदर में डूब जाना चाहिए।
कुछ दिन पहले बिहार के भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने मोदी का विरोध करने वालों को पाकिस्तान चले जाने की सलाह दी थी। जिस पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पलटवार कर कहा था कि वे मोदी की आलोचना बंद नहीं करेंगे, भले ही उन्हें पाकिस्तान ही क्यों न जाना पडे़।
अब उनके पिता और केंद्रीय मंत्री फारूक के मोदी के खिलाफ इस विवादित बयान के बाद वे विरोधियों के निशाने पर आ सकते हैं। इससे पहले राजबाग में आयोजित एक जनसभा में वे पीडीपी के खिलाफ विवादित बयान दे चुके हैं।
पीडीपी ने दर्ज कराई थी शिकायत
इस संबंध में पीडीपी ने उनके खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है जबकि पार्टी ने उनके खिलाफ थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज करवाई है।
दिलचस्प यह है कि इस बयान से एक घंटे पूर्व ही एक पत्रकार सम्मेलन में पीडीपी संरक्षक मुफ्ती मोहम्मद सईद ने चुनाव आयोग से फारुक के खिलाफ सख्त कार्रवाई न करने पर ऐतराज जताया था।
अब देखना है कि मोदी के वोटरों को समंदर में डूबने की सलाह देने वाले फारुक अब्दुल्ला के इस बयान पर कितना ध्यान जाता है, जिसमें उन्होंने यहां तक कह दिया कि कश्मीर, हिंदुस्तान से अलग हो जाएगा।