फाइनल मैच के शुरू में अंक हारने के बाद एक बार तो लगा था, ‘हमारी मेहनत बेकार जाएगी। साथी खिलाड़ियों ने हिम्मत नहीं हारी।
बेहतर रणनीति के साथ वापसी की और कबड्डी वर्ल्ड कप पर महिला टीम ने कब्जा कर लिया।’ यह कहना है भारतीय महिला कबड्डी महिला टीम की सदस्य और चंडीगढ़ में ट्रेनिंग ले चुकी मनप्रीत कौर का।
जालंधर के गुरु गोबिंद सिंह स्टेडियम में वीरवार को हुए महिला वर्ग के फाइनल मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को 49-21 से हराकर चौथा कबड्डी वर्ल्ड कप जीता था।
चंडीगढ़ में ट्रेनिंग पा चुकीं और यहीं से भारतीय कबड्डी टीम के लिए चयनित हुईं मनप्रीत कौर पंजाब के मानसा की रहने वाली हैं। उनके पिता खेतीबाड़ी करते हैं और मां गृहिणी हैं।
कौर के माता-पिता ने हमेशा उनका हौसला बढ़ावा दिया। उसके शौक को देखते हुए अभिभावकों ने खेलने से कभी नहीं रोका।
जिस दिन उनका भारतीय कबड्डी टीम में चयन हुआ था, उस दिन सबसे अधिक खुशी उनके पिता को हुई थी। उन्हें लगा था कि जैसे मेहतन सफल हो गई।
देव समाज कॉलेज से की है पढ़ाई
मनप्रीत कौर देव समाज कॉलेज से बीए प्रथम और द्वितीय वर्ष की पढ़ाई की है। उन्होंने सेक्टर-42 स्थित कबड्डी सेंटर में कोच दविदंर सिंह कोहली से कबड्डी की ट्रेनिंग ली थी। यहीं से उनका कैंप के लिए चयन हुआ था।
कैंप से उनका चयन पहली बार भारतीय टीम के लिए हुआ। मनप्रीत कौर टीम में राइट लाइन में बतौर कैचर खेलती हैं। पाकिस्तान के साथ हुए सेमीफाइनल मैच में मनप्रीत ने अहम भूमिका निभाई थी।
विश्व कप जीतने को मनप्रीत कौर अपनी जिंदगी का सबसे हसीन लम्हा मानती हैं।