जैक्स कैलिस अंतिम बार टेस्ट क्रिकेट खेलने मैदान पर उतरे हैं। कैलिस दुनिया के महानतम आलराउंडरों में से एक हैं। उन्होंने न सिर्फ बल्ले से ढेरों रिकॉर्ड बनाए हैं, बल्कि गेंदबाजी में कमाल करते हुए 292 विकेट झटके हैं।
38 साल के कैलिस दुनिया के एकमात्र ऐसे क्रिकेटर हैं, जिन्होंने टेस्ट करियर में 10 हजार से ज्यादा रन और ढाई सौ से ज्यादा विकेट झटके हैं।
बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ-साथ वह शानदार क्षेत्ररक्षक भी रहे हैं और डरबन मैच से पहले टेस्ट में 199 कैच लपक चुके हैं। हालांकि, डरबन के बाद भी वह मैदान पर जलवे बिखेरते नजर आएंगे। वह वनडे तथा टी-20 क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे।
द्रविड़ और जहीर के रिकॉर्ड से थोड़ा पीछे हैं कैलिस
डरबन मैच के बाद टेस्ट करियर को अलविदा कहने वाले जैक्स कैलिस भारत के दो महान क्रिकेटरों के टेस्ट रिकॉर्ड के योग से थोड़े ही पीछे हैं।
क्रिकेट से संन्यास ले चुके राहुल द्रविड़ ने 164 टेस्ट मैच में 13,288 रन बनाए हैं जबकि तेज गेंदबाज जहीर खान डरबन मैच में खेल रहे हैं। लेकिन 89 टेस्ट मैच में उन्होंने 300 विकेट झटके हैं।
इन दोनों दिग्गज भारतीय क्रिकेटरों के रिकॉर्ड्स को जोड़ दिया जाए तो जैक्स कैलिस के टेस्ट रन और विकेटों के योग से महज थोड़ा आगे (122) हैं।
कैलिस के टेस्ट और विकेट (13174 टेस्ट रन और 292 विकेट) को जोड़ने पर योग 13,466 है। जबकि, द्रविड़ और जहीर के रन तथा विकेट को जोड़ दिया जाए तो योग 13,588 बनता है।
पदार्पण के एक साल बाद निकला शतक
कैलिस ने दिसंबर 1995 में टेस्ट करियर का आगाज किया था। लेकिन यह मैच बारिश से प्रभावित रहा। इंग्लैंड के खिलाफ इस मैच में उन्हें 12 गेंद खेलने का मौका मिला और एक रन ही बना पाए थे।
करियर शुरू करने के ठीक एक साल बाद उनके बल्ले से पहला टेस्ट शतक निकला। कैलिस ने 101 रनों की साहसिक पारी खेलकर दक्षिण अफ्रीका को हार से बचाया। यह मैच मेलबर्न में 26 दिसंबर 1996 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला गया था।
लगातार पांच शतक लगाने का रिकॉर्ड
कैलिस धीरे-धीरे अफ्रीकी टीम के खास बल्लेबाज बनते गए। दिसंबर 2003 से मार्च 2004 के दौरान उन्होंने जोहानिसबर्ग से हैमिल्टन के बीच पांच टेस्ट मैचों में लगातार पांच शतक ठोकने का रिकॉर्ड बनाया। यह रिकॉर्ड बनाने वाले वह डॉन सर ब्रेडमैन के बाद दुनिया के दूसरे बल्लेबाज हैं।
साथ ही मार्च 2005 में जैक्स कैलिस ने न्यूलैंड्स में जिम्बाब्वे के खिलाफ सिर्फ 24 गेंदों में तीन चौकों और पांच छक्कों के साथ टेस्ट इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक जड़ा था।
एक के बाद एक करके बड़ी पारी खेलते हुए कैलिस ने अप्रैल 2005 में एक और मुकाम को छुआ। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ एंटीगुआ में 147 रन की पारी खेली और इसके साथ द. अफ्रीका के लिए सर्वाधिक टेस्ट रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने गैरी कर्स्टन (7289) को पीछे छोड़ा।
खास-खास मौकों पर लगाया शतक
जैक्स कैलिस भले ही दक्षिण अफ्रीका के लिए खेलते हों लेकिन उनकी बल्लेबाजी शैली को क्रिकेट का हर प्रशंसक पसंद करता था। वह क्रिकेट जगत में ऐसे विरले क्रिकेटर हैं जिन्हें सम्मान की नजर से देखा जाता है।
कैलिस की बल्लेबाजी का अंदाज ही निराला था। उन्होंने अप्रैल 2006 में न्यूजीलैंड के खिलाफ सेंचुरियन में अपना 100वां टेस्ट खेलते हुए सैकड़ा जड़ा। उनसे पहले यह कारनामा सिर्फ स्टीफन फ्लेमिंग (न्यूजीलैंड) और शॉन पोलाक (दक्षिण अफ्रीका) कर चुके थे।
इसके बाद चार जनवरी 2012 को कैलिस ने अपना 150वां टेस्ट खेलते हुए 150 से ज्यादा रन की पारी खेली। वह यह अनोखा कारनामा करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने। इस मैच में उन्होंने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी (224) खेलते हुए अपना दूसरा दोहरा शतक भी जड़ा।