सरकारी सुविधाएं न मिलने के बावजूद कुमाऊं के लाल मनीष पांडे ने क्रिकेट की दुनिया में कमाल किया है।
एमएस धोनी और उन्मुक्त चंद के बाद बागेश्वर जिले के दफौट मूल के मनीष पांडे अपनी टीम की जीत के सूत्रधार बने।
बंगलूरू में रविवार की रात हुए आईपीएल-7 के फाइनल में 50 गेंदों में ही 94 रन बनाकर कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत दिला दी।
मैन ऑफ द मैच बने मनीष की सराहना
नैनीताल में जन्मे मनीष ने मैच में शानदार छह छक्के और सात चौके भी ठोके।
इस रोमांचक मैच में किंग्स इलेवन पंजाब को हराने में मनीष के 94 रनों का बड़ा योगदान रहा लेकिन वह शतक बनाने से चूक गए।
टीम के कप्तान गौतम गंभीर ने भी मैन ऑफ द मैच बने मनीष के योगदान की सराहना की।
उम्मीद के मुताबिक मनीष के शानदार प्रदर्शन पर गृह क्षेत्र के लोगों में भारी उत्साह रहा।
कम उम्र में बड़ी सफलताएं
बागेश्वर जिला युवक समिति के अध्यक्ष नरेंद्र खेतवाल का कहना है कि मनीष पांडे निरंतर सफलता के कारण सुर्खियों में रहे हैं।
क्रिकेट प्रेमी नीरज पांडे ने कहा कि मनीष ने कम आयु में क्रिकेट में बड़ी सफलताएं प्राप्त की हैं। यह उनके सुनहरे भविष्य का प्रतीक है।
खिलाड़ी मंटू धपोला, भगत डसीला ने कहा कि क्रिकेट के क्षेत्र में इस मुकाम तक पहुंचना बहुत बड़ी सफलता है। एक दिन वह देश के नामी खिलाड़ियों में शुमार होंगे।
अपने घर में खेलने का मजा ही अलग
रणजी ट्रॉफी में दिल्ली के लिए कई मैच जिताऊ पारियां खेल चुके विकेटकीपर बल्लेबाज पुनीत बिष्ट अब गोल्ड कप में जलवा दिखाने को तैयार हैं।
आईपीएल के पांचवें संस्करण में दिल्ली डेयरडेविल्स के सदस्य रहे पुनीत बिष्ट गोल्ड कप क्रिकेट टूर्नामेंट में देना बैंक के लिए खेलेंगे।
देना बैंक की टीम सोमवार को बीएसएनएल के खिलाफ प्रतियोगिता का पहला मैच खेलेगी। दिल्ली में जन्में पुनीत बिष्ट मूल रूप से पौड़ी जिले में टकोलीखाल गांव के रहने वाले हैं।
गोल्ड कप में पुनीत कई बार खेल चुके हैं। उनका कहना है कि अपने घर में खेलने का आनंद ही कुछ और है।
गोल्ड कप में खेलना है बेहद पसंद
अमर उजाला से विशेष बातचीत में पुनीत ने बताया कि व्यस्तता के कारण बीते साल गोल्ड कप में वे सिर्फ एक ही मैच खेल सके थे।
तब आरपी क्रिकेट एकेडमी की तरफ से उन्होंने 80 रनों की पारी खेली थी। उन्होंने कहा कि यहां खेलने में बहुत मजा आता है।
पुनीत अभी तक रणजी ट्रॉफी के 56 मैचों में 4 शतक व 7 अर्द्धशतकों की मदद से 1988 रन बना चुके हैं, जिसमें 223 रन की नाबाद पारी भी शामिल है।
जबकि विकेट के पीछे 193 शिकार उनके खाते में दर्ज हैं। वहीं, रणजी वनडे में उन्होंने बतौर विकेटकीपर 54 बल्लेबाजों को आउट किया।