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खत्म हुआ चमत्कारिक सफर, बढ़त के बाद हार गया भारत

Sat, 24 May 2014 03:26 PM IST
हेमंत रस्तोगी
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ढोल, नगाणों की थाप, दोनों पैरों पर झूमता खचाखच भरा सीरी फोर्ट स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, कोच मधुमिता बिष्ट का महत्वपूर्ण पलों पर मन ही मन मंत्र जाप, 2-0 की मजबूत बढ़त और चार घंटे से भी अधिक चला दिल की धड़कनों को बढ़ा देने वाला संघर्ष।
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इतना सब होने के बावजूद भारत उबेर कप के फाइनल में नहीं पहुंच पाया। जाइंट किलर जापान से 2-3 की हार मिली। फिर भी भारत पहली बार कांस्य पदक जीतने में सफल रहा।

भारत के पास जीत हासिल करने को उत्साह और कुछ कर गुजरने का जुनून तो था बस नहीं था तो टीम को मजबूती देने वाली दूसरी पंक्ति की खिलाड़ी।

दूसरी पंक्ति के खिलाड़ी न होने से हारा भारत

भारतीय महिला टीम ने अब तक उबेर कप में चार मुकाबले जीते और चारों में उसे 3-0 की बढ़त हासिल हुई।

सेमीफाइनल में पहली बार ऐसा हुआ कि ज्वाला गट्टा और अश्वनी पोनप्पा की जोड़ी को हार मिली और स्कोर 2-1 हो गया जो दूसरी पंक्ति नहीं होने पर 2-3 से हार में परिवर्तित हुआ।

पहले तीन मुकाबलों के बाद अंतिम दो के लिए भारत के पास उच्चस्तरीय खिलाड़ी ही नहीं थे।

साइना नेहवाल ने की थी जीत से शुरुआत

इससे पहले साइना नेहवाल ने 41 मिनट में मिनात्सु मितानी को 21-12, 21-13 से हराकर बेहतरीन शुरूआत दी। साइना ने स्वीकार किया कि इस टूर्नामेंट में उन्होंने लंदन ओलंपिक से भी बढ़िया खेल खेला है।

पीवी सिंधू ने छठे मैच प्वाइंट पर एक घंटे 12 मिनट के संघर्ष में वर्ल्ड नंबर 13 सयाका ताकाहाशी को 19-21, 21-18, 26-24 को सांसों को रोकने वाले मुकाबले में परास्त किया। दूसरे गेम में 8-3 और तीसरे में 17-13 की बढ़त के बावजूद सिंधू पिछड़ीं लेकिन अंत में वापसी कर जीत हासिल की।

सारा दारोमदार ज्वाला, अश्वनी पर था। लेकिन उनके सामने वर्ल्ड नंबर चार मिसाकी मात्सुतोमो और अयाका ताकाहाशी थीं। एकबारगी लगा वर्ल्ड नंबर 36 भारतीय जोड़ी फिर करिश्मा दिखाएगी। लेकिन ज्वाला रंग में नहीं थीं। जिसका खामियाजा 21-12, 20-22, 21-16 से हार के रूप में भुगतना पड़ा।

2-1 से आगे होने के बाद पिछड़ गया भारत

वर्ल्ड नंबर 16 एरिको हिरोसे ने पीसी तुलसी को आसानी से 21-14, 21-15 से हराकर मुकाबला 2-2 पर कर दिया।

सारी उम्मीदें साइना नेहवाल और पीवी सिंधू की नवोदित जोड़ी पर आ टिकीं। लेकिन वर्ल्ड नंबर पांच मियूकी मेइडा और रीका काकीवा ने 21-14, 21-11 से हराकर भारतीय उम्मीदें खत्म कर दीं।

हालांकि हार के बावजूद भारतीय महिला टीम को कांस्य पदक जरूर मिलेगा। भारत ने उबेर कप में पहली बार सेमीफाइनल में प्रवेश किया है और पदक जीतने में सफलता हासिल की है।
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10 साल बाद थामस कप में हारा चीन

जिस चीन का थामस कप में पिछले 10 सालों के दौरान कोई भी देश बाल बांका नहीं कर सका उसी बैडमिंटन सुपर पॉवर को जापान के हाथों बुरी तरह 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। जापान ने इस अप्रत्याशित जीत से जहां थामस कप के फाइनल में जगह बनाई वहीं पूरे टाई में चीन को सिर्फ एक गेम ही जीतने दिया।

वर्ल्ड नंबर दो चेन लांग को दुनिया के नंबर चार जापानी केनेची टागो ने बेहद आसानी से हरा दिया। केनेची हायाकावा और एंडो हीरोयूकी ने बियाओ चाई और वेई हांग को परास्त कर स्कोर 2-0 कर दिया।

चीन के पास लिन दान जैसा दिग्गज मौजूद था। लेकिन उन्हें गिरी हुई रैंकिंग के चलते तीसरा सिंगल्स खेलना था। ऐसे में वर्ल्ड नंबर छह पेंग दू यू को हर हाल में वर्ल्ड जूनियर चैंपियन केनेतो मोमोता को हराना था। लेकिन मोमोता ने सभी को दंग करते हुए 23-25, 21-18, 21-14 से मुकाबला जीत चीन दिग्गजों को ध्वस्त कर दिया।

लेकिन चीन ने उबेर कप (महिला वर्ग) में अपना वर्चस्व कायम रखते हुए फाइनल में जगह बना ली है। सेमीफाइनल में उसने कोरिया को आसानी से 3-0 से परास्त किया।
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