केस का ट्रायल शुरू होने के बाद अभियोजन पक्ष का दावा है कि हुसैन ने अपनी पत्नी की हत्या इसलिए कर दी क्योंकि नजर ने बकरे के मीट की जगह उसके खाने के लिए दाल बना दी थी।
जिसकी बाद हुसैन ने अपनी पत्नी की पिटाई शुरू कर दी और उसे तब तक मारता रहा, जब तक उसकी मौत न हो गई।
हुसैन के बचाव में डिफेंस अटोर्नी जूली कलार्क ने कहा कि हुसैन केवल हत्या का दोषी है, साथ ही दावा किया कि उसकी मंशा पत्नी की हत्या करने की नहीं थी। साथ ही क्लार्क ने कहा कि पाकिस्तान में पत्नी की पिटाई करना प्रथागत है।
जब पत्नी बेड पर थी को हुसैन ने किया हमला
कोर्ट में ट्रायल के दौरान क्लार्क ने कहा कि हुसैन उस संस्कृति से आए हैं, जहां पत्नी की पिटाई को उचित ठहराया जाता है। हुसैन सांस्कृतिक तौर पर सोचा कि अपनी पत्नी की पिटाई का उसे हक है।" हालांकि अभियोजन पक्ष का कहना है कि हुसैन अपनी पत्नी की हत्या करना चाहता था।
असिस्टेंट डिस्ट्रीकट अटोर्नी सबीहा मदनी ने कोर्ट में कहा कि हुसैन अपनी पत्नी को अनुशासित नहीं कर रहा था। साथ ही कहा कि हुसैन ने अपनी पत्नी पर तब हमला किया जब वह बेड पर लेटी हुई थी।
जिससे नजर के माथे, हाथों और कंधों पर गहरी चोट आई थी, जिसकी वजह से उसे ब्रेन हेमरेज हो गया था। साथ ही उन्होंने कहा कि नजर द्वारा अपने पति के साथ गाली-गलौच करने के मामले में हुसैन के पड़ोसियों की गवाही होगी।
मीट के बदले दाल बनाया तो पत्नी को मार डाला
क्या कोई अपनी पत्नी के प्रति इतना क्रूर हो सकता है कि छोटी सी गलती करने में उसे जान से ही मार दें?
लेकिन ब्रुकलिन में रहने वाले एक पाकिस्तानी प्रवासी नूर हुसैन ने अपनी पत्नी की पीट-पीटकर इसलिए हत्या कर दी थी क्योंकि रात के खाने में उसकी पत्नी ने उसे नॉन-वेज खाने की जगह दाल दे दी थी।
डेली मेल के अनुसार, हुसैन अपनी 66 वर्षीय पत्नी नजर हुसैन की 2011 में हत्या के आरोप में अभी न्यूयार्क के ब्रुकलीन में ट्रायल पर है।