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नंगे पैर से फुटबॉल खेलकर चोटिल हुए युवराज, संशय में भारत

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लगातार चार मैच जीतकर टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंच चुकी टीम इंडिया को अपनी टीम प्रबंधन के एक अजीबोगरीब फैसले का सामना करना पड़ा।
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रविवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले के बाद भारतीय टीम ने सोमवार को आराम करना पसंद किया।

भारत को अगला मुकाबला दो दिन बाद शुक्रवार (4 अप्रैल) को दक्षिण अफ्रीका के साथ खेलना है जो टूर्नामेंट का दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला होगा। लेकिन इस मैच से पहले भारतीय खिलाड़ियों ने मंगलवार को अजीबोगरीब अंदाज में अभ्यास करने मैदार उतरे।

नंगे पैर ही फुटबॉल खेलने आए थ खिलाड़ी

एक दिन के आराम के बाद भारतीय टीम के खिलाड़ी जब मैदान पर उतरे तो हर बार की तरह इस बार भी फुटबॉल मैच खेलकर अपना अभ्यास शुरू किया।

लेकिन इस बार का अभ्यास पिछले अन्य मौकों की तुलना में थोड़ा अलग था। पहले तो उसे अभ्यास मैच में सिर्फ फुटबॉल मैच ‌ही खेलने को कहा गया। बाद में यह भी फरमान जारी हुआ कि उन्हें बिना जूते के ही फुटबॉल मैच खेलना होगा।

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड एकेडमी के मैदान पर सभी क्रिकेटर और कोचिंग स्टॉफ बिना जूतों के ही एक घंटे तक फुटबॉल मैच खेलते रहे। ऐसा पहली बार हुआ है जब क्रिकेटरों ने पूरे अभ्यास सत्र में नंगे पैर अभ्यास किया हो।

बिना जूते के फुटबॉल खेलने का फैसला अचानक आया

टीम इंडिया के लिए अगला मैच बेहद महत्वपूर्ण है। 2007 के बाद पहली बार सेमीफाइनल में पहुंची भारतीय टीम को दक्षिण अफ्रीका से कड़ी चुनौती मिल सकती है।

ऐसे में बिना जूते के फुटबॉल मैच खेलना भारत के लिए खतरनाक साबित हो सकता था।

हालांकि फुटबॉल मैच शुरू होने से कुछ मिनट पहले ही बिना जूतों के मैदान पर उतरने का आदेश दिया गया। विराट कोहली जब मैदान पर पहुंचे तो उनके पैरों में जूते थे, जबकि स्टुअर्ट बिन्‍नी ने पैर में जूते पहन रखे थे और दूसरे का लेस फीजियोथैरेपिस्ट नितिन पटेल बांध रहे थे। इस‌ बीच शिखर धवन आए और उन्होंने बिन्‍नी से जूते उतार देने को क‌हा।

अभ्यास के दौरान युवराज को लगी चोट!

अभ्यास सत्र के बाद अनुभवी हरफनमौला क्रिकेटर और पिछले मैच में टीम इंडिया की जीत के हीरो रहे युवराज सिंह दर्द से कराह रहे थे। हालांकि उन्हें दर्द किस कारण हुआ इसका पता नहीं चल सका है।

युवराज अक्सर अभ्यास सत्र के दौरान घुटनों पर पहनने वाली पट्टी लगाकर खेलते रहे हैं लेकिन जब वह लौटे और टीम बस पर सवार हुए तो उनके बाएं टखने में बैंडेज लगा हुआ था। युवराज के चोट पर जब टीम के ट्रेनर नितिन पटेल से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि आप यह उनसे क्यों पूछ रहे हैं? आप जानते हैं कि वह इस सवाल का जवाब नहीं दे सकते हैं।

लगी चोट से जूझ रहे युवराज ने बुधवार को फातुल्लाह स्थित खान साहब ओसान अली स्टेडियम में हुए अभ्यास सत्र में भाग नहीं लिया। अगला मैच सेमीफाइनल है और इस मैच के महत्व को ध्यान में रखते हुए टीम प्रबंधन ने युवी को आराम करने के लिए वापस होटल भेज दिया। इस बीच अन्य खिलाड़ियों ने अभ्यास सत्र के दौरान फुटबॉल नहीं खेला और जमकर नेट्स पर पसीना बहाया।

धोनी बोले, 'पैसे खत्म हो गए'

भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी क्रिकेट के अलावा फुटबॉल खेलते रहे हैं और संभवतः टीम में सबसे अनुभवी फुटबॉलर हैं।

वह बचपन में काफी फुटबॉल खेल चुके हैं। उन्होंने फुटबॉल मैच के दौरान अपने साथी खिलाड़ियों को खूब छकाया।

हालांकि बाद में जब उनसे पूछा गया क‌ि वे लोग नंगे पैर फुटबॉल क्यों खेल रहे हैं, इस पर धोनी ने जवाब दिया "पैसे खत्म हो गए।" हालांकि माना जा रहा है नंगे पैर फुटबॉल खेलने का सुझाव ट्रेनर सुदर्शन का था ‌जो चाहते थे कि खिलाड़ी कुछ नयापन महसूस करें।

पहले खो-खो खेलकर करते थे अभ्यास

एक समय टीम इंडिया के अभ्यास कार्यक्रमों के दौरान फुटबॉल मैचों के बजाए खो-खो खेला जाता था। लेकिन बाद में खो-खो को टीम के अभ्यास कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया।

ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि खो-खो खेलने के दौरान 2006 में युवराज सिंह को और 2010 में रोहित शर्मा को चोट लग गया था।

धाकड़ बल्‍लेबाज युवराज को 2006 में चैंपियंस ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले से पहले अभ्यास मैच में खो-खो खेलने के दौरान घुटने में चोट लग गई थी। इसके अलावा 2010 में नागपुर में रोहित शर्मा टेस्ट क्रिकेट में अपना पहला मैच खेलने को तैयार थे लेकिन टॉस से पहले उनकी कोहनी में चोट लग गई और मैच से बाहर होना पड़ा।
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सफाई देता फिर रहा टीम प्रबंधन

पूर्व कप्तान और वर्तमान में बीसीसीआई के अंतरिम अध्यक्ष सुनील गावस्कर पहले से भी क्रिकेट मैच से पूर्व इस तरह के खेल का विरोध करते रहे हैं।

क्रिकेटरों ने नंगे पैर खेलने को लेकर टीम प्रबंधन भी अब बैकफुट पर आ गई है। वह इसका जवाब देने से बच रही है।

टीम के मैनेजर आरएन बाबा का कहना है कि नंगे पैर फुटबॉल खेलने का प्लान प्रबंधन का नहीं था और यह सब खिलाड़ियों की इच्छानुसार था।
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