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देश की पहली महिला कैडी बनी चंडीगढ़ की बेटी

Fri, 17 Jan 2014 02:09 PM IST
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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एक ओर आपका चहेता अखबार बेटी को बचाने के लिए 'बेटी ही बचाएगी' अभियान चला रहा है तो दूसरी ओर आपके अपने शहर, चंडीगढ़ की बेटी, रीतू चौधरी ने देशभर में अपना नाम रोशन किया है।
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ब्यूटीफुल शहर चंडीगढ़ की एक बेटी गोल्फ कोर्स पर महिला कैडी बनकर उतर है। ऐसा करने वाली रीतू चौधरी देश की पहली महिला कैडी बनी है। अभी तक विदेशों में ही लड़कियां महिला कैडी का काम करती रही हैं।

रीतू की खास बात यह भी कि वह किसी संपन्न परिवारों से ताल्लुक न रखकर आर्थिक रूप से कमजोर घर से आती हैं।

चंडीगढ़ के सेक्टर 14 के जनता कालोनी में रहने वाली14 वर्षीय रीतू चौधरी एक एजनजीओ के सहयोग से आठवीं कक्षा में पढ़ती हैं। पिता प्राईवेट दफ्तर में सफाई का काम करते हैं। चार भाई बहनों में रीतू सबसे बड़ी हैं।
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ऐसी बनी महिला कैडी
चंडीगढ़ गोल्फ एसोसिएशन (सीजीए) की ओर से ये मौका मिला है। डीआईआर नाम एनजीओ के बहनों को सीजीए में जूनियर कैडी प्रोग्राम के तहत दिसंबर 2013 में चंडीगढ़ गोल्फ रेंज (सीजीए) की ट्रेनिंग दी गई।

प्रोग्राम के तहत जनता कॉलोनी और आदर्श कॉलोनी के गरीब परिवार की बहनों को सीजीए में 12 दिनों की कैडी की ट्रेनिंग दी गई। इसमें कुल 15 बच्चे थे। इनमें 12 लड़के और 4 लड़कियां थीं।

इन बच्चों को सी कैटगिरी के तहत सीजीए के प्रोफेशनल कोच महेश कुमार ने कड़ी ट्रेनिंग दी। इसमें गोल्फ की बेसिक ट्रेनिंग दी गई।

कोच महेश ने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान पहले तो इन्हें गोल्फ के खेल की तमाम जानकारियां दी गईं। इन्हें बताया गया कि गोल्फ खेलने आए लोगों से कैसे बातचीत करनी है। इसके बाद इनका बकायदा टेस्ट लिया गया, जिसमें वह पास हुई।

गोल्फ क्लब में हाथ में आई पहली कमाई
रीतू चौधरी इतनी कम उम्र में परिवार का आर्थिक बोझ उठाने निकली है। इस लड़की ने जब गोल्फ क्लब में अपनी पहले दिन की कमाई 150 रुपये को अपने हाथों में लिया तो उसकी आंखों में खुशी के मारे आंसू निकल आए।

इसने बताया कि क्लब में काफी संख्या में लड़के कैडी काम करते हैं। पहले दिन तो झिझक हुई, लेकिन हिम्मत नहीं हारी।

रीतू ने कहा कि पहले दिन 5 घंटे में 18 होल खिलाए और 150 रुपये कमाए। इस कमाई से परिवार का बोझ कम करने की कोशिश रहेगी। रीतू सुबह एनजीओ की मदद से सुबह स्कूल में पढ़ती है वही शाम को वह गोल्फ क्लब में अपनी आजीविका भी कमा रही है।
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