विदेशी धरती पर टीम इंडिया को लगातार हार का मुंह देखना पड़ रहा है। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की रणनीति निरंतर नाकाम हो रही है। उनकी हार के पीछे कई गलत फैसले भी अहम कारण रहे हैं।
पिछले छह महीने से ज्यादा हो गए धोनी एंड कंपनी विदेशी धरती पर अपना परचम लहरा नहीं पाई है। हालांकि विदेशी धरती पर बतौर कप्तान धोनी की जीत का सिलसिला फिफ्टी-फिफ्टी का है।
उन्होंने भारत से बाहर अब तक 92 मैचों में कप्तानी की हैं, जिसमें उन्हें 46 में जीत और 46 में हार मिली है। आखिरी बार धोनी को विदेशी धरती पर 11 जुलाई 2013 को जीत मिली थी, तब भारतीय टीम ने त्रिकोणीय वनडे सीरीज के फाइनल मैच में पोर्ट ऑफ स्पेन में श्रीलंका को एक विकेट से हराया था।
नहीं थम रहा हार का सिलसिला
भारत की विदेशी धरती पर हार का सिलसिला थम नहीं रहा है। उसे लगातार सात मैचों में पांच में हार मिली है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन में खेला गया मैच बारिश के कारण पूरा नहीं हो सका था, जबकि ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच टाई हो गया था।
पिछले सात मैचों में विदेशी धरती पर भारत की हार
5.12.2013- जोहानिसबर्ग में द. अफ्रीका से 141 रन से हारे।
8.12.2013- डरबन में दक्षिण अफ्रीका से 134 रन से हारे।
19.1.2014 - नेपियर में न्यूजीलैंड से 24 रन से हारे।
22.1.2014- हैमिल्टन में न्यूजीलैंड से 15 रन से शिकस्त मिली।
28.1.2014- हैमिल्टन में न्यूजीलैंड से 7 विकेट से जीत मिली।
खल रही ओपनर की कमी
टीम इंडिया को इस समय विशेषज्ञ ओपनर की कमी खल रही है। भारत ने चौथे वनडे में अपने सबसे सफल बल्लेबाज विराट कोहली को नंबर थ्री के बजाए बतौर ओपनर उतारा लेकिन वह नाकाम रहे।
जबकि अंजिक्य रहाणे को नंबर थ्री पर उतारा गया लेकिन वह भी नहीं चले। भारत 10 ओवर में केवल 28 रन ही बना पाया जबकि उसने अपने दो विकेट गंवा दिए। विराट कोहली दो और रहाणे केवल तीन रन बनाकर चलते बने।
टीम प्रबंधन का चौंकाने वाला फैसला यह रहा कि लंबे समय से नाकाम चल रहे सुरेश रैना को अंतिम एकादश से बाहर कर दिया गया। वहीं, ओपनर शिखर धवन की जगह अंबाति रायडू को अंतिम एकादश में जगह दी गई। लेकिन वह अपनी पारी को लंबी करने में नाकाम रहे। हालांकि धोनी ने बल्लेबाजी में खुद को साबित किया है। उन्होंने इस सीरीज में लगातार तीन अर्धशतक ठोके हैं। आलराउंडर जडेजा ने भी अपना दमखम दिखाया है। उन्होंने भी दो अर्धशतक लगाए हैं।
टीम के प्रदर्शन से खुश नहीं धोनी
चौथा वनडे गंवाने के भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी बेहद निराश दिखे। धोनी ने मैच के बाद कहा, "हमने शीर्ष क्रम पर काफी संघर्ष किया। हमने शुरुआत में ही विकेट गंवा दिए। हालांकि बाद में हमने कुछ अच्छी साझेदारियों की बदौलत रन गति में बढ़ोतरी की लेकिन फिर भी हम 20 से 30 रन पीछे रह गए।"
उन्होंने कहा, "रोहित शर्मा को छोड़कर शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों में अधिकतर ने निराश किया। हमारी गेंदबाजी भी बहुत ही निराशाजनक रही। यदि शॉर्ट और वाइड गेंद कराई जाती है तो उसका कोई फायदा नहीं होता है। हालांकि मुझे लगता है कि मैच जीतने के लिये थोड़ा भाग्य की भी जरूरत होती है।"